उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर किया याद

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आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती है। आज के दिन ही 1897 को उड़ीसा के कटक में एक संपन्न बंगाली परिवार में नेताजी का जन्म हुआ था। नेताजी ने सिविल सर्विस परिक्षा पास की थी। लेकिन उन्होंने भारत की आजादी के आंदोलन में शामिल होने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ जुड़ गए। सुभाष चन्द्र बोस ने ‘आज़ाद हिन्द फ़ौज’ का भी गठन किया था।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रपति ने ट्वीट कर कहा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयन्ती पर उन्हें मेरा नमन। वे हमारे सबसे लोकप्रिय राष्ट्रनायकों और स्वतंत्रता संग्राम के महानतम सेनानियों में से हैं। उनके कहने पर, लाखों भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े और अपना सब कुछ बलिदान किया। उनकी वीरता और देशभक्ति हमें प्रेरणा देती रहेगी।

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी नेताजी को उनकी जयंती पर याद किया। ट्ववीट में दिए अपने संदेश में उपराष्ट्रपति ने कहा कि, आज नेता जी सुभाष चन्द्र बोस के जन्म जयंती पर पुण्य स्मृति को कोटिशः प्रणाम करता हूं। गत सप्ताह अंडमान निकोबार द्वीपसमूह की यात्रा के दौरान, उस स्मारक के दर्शन का सौभाग्य मिला जहां 1943 में नेता जी तथा उनकी आज़ाद हिंद फौज ने भारत भूमि पर पहली बार आज़ादी का झंडा फहराया था। हमारी आज़ादी महान बलिदानों की विरासत है। अपने स्वाधीनता आंदोलन के आदर्शों का सम्मान न केवल हमारा संवैधानिक कर्तव्य है बल्कि नेता जी सुभाष चन्द्र बोस जैसे राष्ट्र नायकों के प्रति हमारी कृतज्ञ श्रद्धांजलि भी है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी जयंती पर याद करते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी बहादुरी और उपनिवेशवाद के विरोध के लिए देश हमेशा याद रखेगा। इस मौके पर पीएम मोदी ने एक वीडियो भी साझा किया।