गरीबों के संकटमोचक मध्य प्रदेश पुलिस: नीमच पुलिस ने बस्ती को गोद लिया, कांस्टेबल ने मजदूर परिवार के लिए घर से खाना बनवाया

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नीमच। कोरोना वायरस की आपदा की इस स्थिति में मध्य प्रदेश पुलिस गरीब परिवारों के लिए संकटमोचक बनकर सामने आई है. पुलिस जनसहयोग से हर संभव गरीब परिवारों की मदद कर रही है. ऐसी ही दो कहानियां नीमच  और कटनी से निकलकर सामने आई हैं। नीमच पुलिस ने एक ऐसे मोहल्ले को गोद लिया, जहां रहने वाले 100 मजदूर परिवारों के पास खाने के लिए अनाज का एक दाना भी नहीं था। इसी तरह से एक पेड़ के नीचे रह रहे भूखे परिवार को एक कांस्टेबल ने घर से खाना बनवाकर उनकी भूख मिटाई।

हर दिन पुलिस के जज्बे और उनकी संवेदनशीलता के मामले पता चल रहे हैं. ऐसा ही एक मामला नीमच जिला पुलिस का है. यहां की पुलिस ले नीमच लहसुन मंडी के पीछे स्थित हाट मैदान मोहल्ले को गोद लिया है। हाट मैदान मोहल्ले में आर्थिक रूप से कमजोर करीब 100 परिवार रहते हैं. पुलिस टीम ने यहां रहने वाले परिवारों को 10 दिन का राशन, सेनेटाइजर और मास्क उपलब्‍ध कराए।

इस मोहल्ले को गोद लेने के बाद अब मोहल्ले की पूरी जिम्मेदारी आ गई है. इसी जिम्मेदारी को निभाते हुए पुलिस थाना नीमच कैंट में पदस्थ प्रधान आरक्षक कैलाश कुमरे को हाट मैदान मोहल्ले का नोडल अधिकारी बनाया गया है। नोडल अधिकारी मोहल्ले में दैनिक उपयोग का सामान, दूध, दवाइयों की उपलब्‍धता का ध्‍यान रख रहे हैं. साथ ही मोहल्लें में रह रहे परिवारों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक कर रहे हैं।

कटनी जिले के कुठला थाना में पदस्‍थ वरिष्‍ठ आरक्षक ज्‍योती शर्मा ने जब सड़क किनारे एक पेड़ के नीचे रह रहे चार बच्‍चों सहित एक असहाय परिवार को देखा, तो वे अपने आपको उनके पास जाने से रोक नहीं पाए. उन्‍होंने उस परिवार के मुखिया से पूछा कि आपकी क्‍या परेशानी है, तो उसने बताया कि हम सब भूखे हैं। यह बात सुनकर आरक्षक ज्‍योती शर्मा सीधे अपने घर पहुंचे और उन्‍होंने अपनी पत्‍नी के सहयोग से खाना तैयार कराया और माधवनगर में पेड़ के नीचे बैठे उस परिवार को भोजन करवाया।