नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा, अमरिंदर सिंह ने किया ट्वीट, कहा- ‘मैंने आपसे कहा था कि

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पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ कांग्रेस में उठापटक का दौर जारी है. अब नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. न्यूज एजेंसी ANI ने सिद्धू द्वारा सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को लिखे पत्र को शेयर कर जानकारी दी है. सिद्धू को हाल ही में पंजाब कांग्रेस का प्रमुख बनाया गया था. इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था.

बता दें कि सिद्धू ने अपने पद से इस्तीफा दिया है लेकिन वह पार्टी में बने रहेंगे. सोनिया गांधी को लिखे पत्र में सिद्धू ने कहा, ‘आदमी के पतन की शुरुआत समझौते से होती है. मैं पंजाब के भविष्य और पंजाब के कल्याण के एजेंडे से कभी समझौता नहीं कर सकता. इसलिए, मैं पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देता हूं. मैं कांग्रेस की सेवा करना जारी रखूंगा.

बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू ने जुलाई महीने के अंतिम हफ्ते में पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद संभाला था. एक दिन पहले ही पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने राज्य मंत्रिपरिषद का पहला विस्तार कर 15 कैबिनेट मंत्रियों को शामिल किया था, जिनमें सात नए चेहरे शामिल हैं. चन्नी के मंत्रिपरिषद में रणदीप सिंह नाभा, राजकुमार वेरका, संगत सिंह गिलजियां, परगट सिंह, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और गुरकीरत सिंह कोटली नए चेहरे हैं. राणा गुरजीत सिंह ने 2018 में अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के बाद वापसी की है. पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लिखा, ‘मैंने आपसे कहा था…वह स्थिर व्यक्ति नहीं है और पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य के लिए उपयुक्त नहीं है.

अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में मंत्री रहे ब्रह्म मोहिंद्रा, मनप्रीत सिंह बादल, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, अरुणा चौधरी, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, रजिया सुल्ताना, विजय इंदर सिंगला, भारत भूषण आशु को फिर से मंत्रिपरिषद में जगह दी गई है.

प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू के साथ लंबे समय तक टकराव के बाद अमरिंदर सिंह ने त्यागपत्र दे दिया था, जिसके बाद चन्नी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. राणा गुरजीत सिंह, मोहिंद्रा और सिंगला अमरिंदर सिंह के करीबी माने जाते हैं. पंजाब में मुख्यमंत्री समेत कुल 18 विधायक मंत्रिपरिषद में शामिल हो सकते हैं. उपमुख्यमंत्री चुने गए सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओपी सोनी ने सोमवार को शपथ ली थी.

उधर, सोनिया गांधी को भेजे इस्तीफे में सिद्धू ने लिखा, ‘आदमी के पतन की शुरुआत समझौते से होती है. मैं पंजाब के भविष्य और पंजाब के कल्याण के एजेंडे से कभी समझौता नहीं कर सकता. इसलिए मैं पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देता हूं. मैं कांग्रेस की सेवा करना जारी रखूंगा.

मालूम हो कि पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू के साथ लंबे समय तक टकराव के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) ने त्यागपत्र दे दिया था. इसके बाद चन्नी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. राणा गुरजीत सिंह, मोहिंद्रा और सिंगला अमरिंदर सिंह के करीबी माने जाते हैं.