नवरत्न नहीं, न्यू इंडिया रत्न बनें सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम: पीएम

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के सम्‍मेलन को संबोधित किया. उन्होंने सम्मेलन को संबोधित करते हुए इन उपक्रमों के राष्ट्र निर्माण में निभाए जा रहे रोल के लिए सराहना करते हुए इस बात का आह्वान किया कि नवरत्न कंपनियों को न्यू इंडिया का रत्न बनना होगा और उद्यमशीलता व नवाचार के मंत्र के साथ आगे बढ़ना होगा.

केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम यानि सीपीएसई के सम्मेलन में पहुंचे पीएम मोदी ने न केवल इनकी सराहना की बल्कि इन उद्यमों के वरिष्ठ अधिकारियों को तमाम मंत्र दिए. पीएम ने कहा कि देश आज सार्वजनिक क्षेत्र उद्यमों को नवरत्न के रूप में जानता है लेकिन आज जरूरी है कि इनको नवरत्न नहीं न्यू इंडिया रत्न बनाएं. इसके लिए तकनीक और प्रक्रियाओं में बदलाव की जरूरत होगी.

प्रधानमंत्री ने न्यू इंडिया रत्न बनाने में 5-पी का मंत्र अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि निजी क्षेत्र हों या फिर सार्वजनिक क्षेत्र, सफलता के मंत्र सबके लिए एक ही होते हैं. पीएम ने कहा कि जब वो सफलता के मंत्र की बात करते हैं तो 3-आई की सोच सामने आती है.

पीएम के मुताबिक कर्मचारियों के लिए इंसेटिव जरूरी है भले ही वो पैसे के रूप में हो या उन्हें उत्साहित करने के लिए कोई और तरीका. पीएम के मुताबिक आने वाले वक्त के साथ तकनीकी बदलाव जरूरी है और उसके लिए इमेजिनेशन जरूरी है. साथ ही व्यक्ति केंद्रित और व्यक्ति आधारित व्यवस्थाएं लंबे समय तक नहीं चल पातीं, इसलिए संस्थान बनाने पर ही जोर हो.

पीएम ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि इन उद्यमों के जरिए ही सरकार बड़े-बड़े फैसले ले पाने में सक्षम है. फिर वो चाहे देश के हर गांव में बिजली पहुंचाने की बात हो या फिर गरीब महिलाओं को गैस कनेक्शन. प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक फैसले लेने में आदर्शवाद और विचारधारा की जगह व्यवहारिकता और तथ्यात्मकता को भी स्थान मिलना चाहिए. पीएम मोदी ने पीएसयूज को उद्यमिता और इनोवेशन पर भी जोर देने को कहा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया में चर्चा है कि भारत 5 ट्रिलियन इकोनॉमी बनने जा रहा है. इस जीडीपी को हासिल करने में पीएसयू को अहम भूमिका है. पीएम ने आजादी के 75 साल यानि 2022 तक पीएसयूज के लिए कुछ अहम लक्ष्य भी सामने रखे. इनमें 2022 तक भारतीय पीएसयू को अपनी वैश्विक रणनीतिक पहुंच बढ़ाने, देश का आयात बिल कम करने में मदद करने, आपस में रिसर्च और इनोवेशन का इंटीग्रेशन करने, न्यू इंडिया के सपने के मुताबिक सीएसआर फंड का सही इस्तेमाल करने और विकास के नए मॉडल देश को देने की चुनौती रखी.

प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि पीएसयूज सेवा को केंद्र में रखकर न्यू इंडिया के विकास में मददगार होंगे.

प्रधानमंत्री ने ऐसे उपाय करने को कहा जिससे देश के लघु और छोटे उद्योगों से ज्यादा से ज्यादा सामान खरीदने और उन्हें समय से भुगतान करने को कहा. पीएम ने कहा कि नीति आयोग ने देश के 115 सबसे पिछड़े जिलों की पहचान की है और इन जिलों को इस वर्ष की थीम बना सकते हैं. पीएम ने अधिकारियों को तमाम बातें बताई, तो अंत में उनके सामने लक्ष्य भी रखा कि सम्मेलन में जो बातें रखी गई हैं 100 दिन बाद उनका रोडमैप पेश करके फिर से बैठक की जाए. यानि पीएम ने न केवल पीएसयूज के कार्यक्रमों को जाना बल्कि उनको पूरा करने का लक्ष्य भी सामने रखा.