नेशनल लोक अदालत का आयोजन 14 अप्रैल को

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रायसेन @ प्रदेश में उच्च न्यायालय स्तर से लेकर जिला न्यायालयों, तहसील न्यायालयों, श्रम न्यायालयों तथा कुटुम्ब न्यायालयों में 14 अप्रैल को नेशनल लोक अदालत आयोजित की जायेगी। इस नेशनल लोक अदालत में दीवानी व आपराधिक शमनीय मामलों सहित सभी प्रकार के मामले रखे जायेंगे जिनमें पक्षकार सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में प्रकरणों का निराकरण कराने के लिए प्रयास कर सकेंगे।

इस नेशनल लोक अदालत के अन्तर्गत विभिन्न न्यायालयों में रखे जाने वाले लंबित प्रकरणों में आपराधिक शमनीय प्रकरण, परक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के अन्तर्गत प्रकरण, बैंक रिकवरी संबंधी मामले, एम.ए.सी.टी. प्रकरण (मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण), श्रम विवाद प्रकरण, विद्युत एवं जल कर/बिल संबंधी (सिर्फ शमनीय प्रकरण), वैवाहिक प्रकरण, भूमि अधिग्रहण के प्रकरण, सेवानिवृत्ति संबंधी लाभों से जुड़े सेवा मामले तथा राजस्व प्रकरण (सिर्फ जिला/उच्च न्यायालयों में लंबित) और दीवानी मामले शामिल हैं। इनके अलावा प्रिलिटिगेशन (मुकदमा पूर्व) के अन्तर्गत परक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के अन्तर्गत प्रकरण, बैंक रिकवरी संबंधी मामले, श्रम विवाद संबंधी मामले, विद्युत एवं जल कर/बिल संबंधी (सिर्फ शमनीय प्रकरण), आपराधिक शमनीय प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण व दीवानी इत्यादि मामले भी सम्मिलित हैं।

न्यायालयों में लंबित एवं मुकदमेबाजी के पूर्व (प्रिलिटिगेशन प्रकरण) उपरोक्त प्रकार के चिन्हित किए गए प्रकरणों/विवादों का उचित समाधान कर आपसी सहमति से लोक अदालत में निराकरण कराने के इच्छुक पक्षकारगण संबंधित न्यायालय अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से सम्पर्क कर अपना मामला लोक अदालत में रखे जाने के लिए अपनी सहमति व आवश्यक कार्यवाही यथाशीघ्र पूरी करायें। उल्लेखनीय है कि लोक अदालत में प्रकरण का आपसी समझौते से निराकरण होने पर जमा की गई कोर्ट फीस भी वापस हो जाती है। जनसामान्य तथा पक्षकारगणों से अपील की गई है कि वे अधिकाधिक संख्या में नेशनल लोक अदालत में अपने मामलों का आपसी समझौते से निराकरण कराने के लिए आगे आकर अपने अमूल्य समय, धन और श्रम की बचत करें।