मूंग और उड़द उपार्जन व्यवस्था का लाभ उठाने बिलौचियों पर करें सख्त कार्यवाही : कलेक्टर

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कलेक्टर ने ली खरीदी केन्द्र प्रभारियों एवं समिति प्रबंधकों की बैठक, एसडीएम तहसीलदार करें अब तक हुई खरीदी का सत्यापन

जबलपुर । कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने आज शनिवार की शाम ग्रीष्म कालीन मूंग और उड़द के उपार्जन को लेकर आयोजित बैठक में जिले के अब तक हुई खरीदी की जांच करने के निर्देश एसडीएम एवं तहसीलदारों को दिये है। श्री शर्मा ने एसडीएम एवं तहसीलदारों से कहा कि मूंग और उड़द के उपार्जन में यदि कही गड़बड़ी मिलती है अथवा व्यापारियों या बिलौचियों की समितियों खरीदी केन्द्र प्रभारियों से मिलीभगत उजागर होती है तो तत्काल कार्यवाही करें।

कलेक्टर ने बैठक में साफ शब्दों में कहा कि समर्थन मूल्य पर मूंग और उड़द उपार्जन व्यवस्था का लाभ वास्तविक किसानों को ही मिले, व्यापारी या बिलौचिये इसका अनुचित लाभ न उठा पायें, इसे हर हाल में सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि मूंग और उड़द के उपार्जन में जांच के दौरान यदि बिलौचियों और व्यापारियों की मिलीभगत उजागर हुई तो किसी को भी बख्शा नहीं जायेगा। ऐसे मामलों में ने केवल एफआईआर होगी बल्कि शासकीय धन के दुरूपयोग करने तथा कालाबाजारी अधिनियम के तहत खरीदी केन्द्र प्रभारी एवं समिति प्रबंधक सहित दोषी व्यक्तियों पर प्रकरण भी दर्ज किये जायेंगे और खरीदी केन्द्रों के लिये नियुक्त नोडल अधिकारियों को भी इसका जिम्मेदार माना जायेगा।

श्री शर्मा ने बैठक में तहसीलवार किसानों के हुये पंजीयन, फसल का रकबा और अब तक हुई खरीदी का ब्यौरा लिया। उन्होंने किसानों द्वारा कराये गये पंजीयनों का फिर से सत्यापन कराने के निर्देश देते हुये कहा कि जिन किसानों से मूंग और उड़द का उपार्जन किया जा चुका है सत्यापन की शुरूआत उन्हीं से की जाये। कलेक्टर ने कहा कि सत्यापन का कार्य कृषि एवं राजस्व विभाग के मैदानी अमले से कराया जाये और इसका क्रॉस व्हेरीफिकेशन खुद तहसीलदार एसडीएम और जिला स्तर के अधिकारी करें।

कलेक्टर ने बैठक में जबलपुर, पाटन, शहपुरा एवं सिहोरा कृषि उपज मंडियों में मूंग और उड़द की अब तक हुई खरीदी की जांच करने के निर्देश भी राजस्व अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि एसडीएम और तहसीलदार अपने-अपने क्षेत्र में मंडियों में मूंग और उड़द बेचने वाले किसानों की सूची लेकर व्यापारियों की दुकानों और गोदामों का भी निरीक्षण करें और स्टॉक का व्हेरीफिकेशन भी करें। गडबडी की आशंका हो तो दुकानों और गोदामों को तुरंत सील कर दें। कलेक्टर ने दाल मिलों पर आने वाली मूंग और उड़द का व्हेरीफिकेशन करने के निर्देश भी एसडीएम और तहसीलदारों को दिये।

श्री शर्मा ने बैठक में समिति प्रबंधकों एवं खरीदी केन्द्र प्रभारियों को किसी भी कीमत पर नॉन एफएक्यू मूंग और उड़द की खरीदी न करने की हिदायत भी दी है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कही पाया गया या इसकी शिकायत मिली तो खरीदी केन्द्र प्रभारियों एवं समिति प्रबंधंकों के साथ-साथ सर्वेयर और कम्प्यूटर ऑपरेटर पर भी कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर ने बैठक में पंजीकृत किसानों और मूंग और उड़द के रकबे की सही जानकारी न दे पाने पर पाटन के कृषि विकास विस्तार अधिकारी तथा बैठक में अनुपस्थित रहने पर शहपुरा के कृषि विकास विस्तार अधिकारी को कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश उपसंचालक कृषि को दिये है।

उन्होंने बैठक में मौजूद खरीदी केन्द्र प्रभारियों एवं समितियों प्रबंधकों से कहा कि मूंग और उड़द के उपार्जन में बिलौचियों या व्यापारियों की संलिप्तता नज़र आती है तो तत्काल इसकी सूचना संबंधित एसडीएम और तहसीलदार को दें। श्री शर्मा ने किसानों द्वारा मूंग और उड़द के लिये कराये गये पंजीयन की सूची ग्राम पंचायतों में चस्पा करने के निर्देश भी बैठक में दिये ताकि वास्तविक किसानों की जानकारी सामने आने में मदद मिल सके। कलेक्टर ने कृषि उपज मण्डियों में मूंग और उड़द बेचने वाले प्रत्येक किसान का आधार नम्बर और मोबाइल नम्बर भी रिकार्ड में दर्ज करने की हिदायत दी है । बैठक में अपर कलेक्टर राजेश बाथम तथा उपार्जन व्यवस्था से जुडे सभी विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।