धीमी रफ्तार से देश के 20 से अधिक राज्यों में पहुंचा मॉनसून

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पिछले 12 सालों में इस साल मॉनसून के लिए लोगों को सबसे लंबा इंतजार करना पड़ा। बीते 4 दिनों में मॉनसून ने रफ्तार पकड़ी और 20 से अधिक राज्यों तक पहुंच गया। 19 जून से मॉनसून ने तेज रफ्तार पकड़ी है और अब ये उत्तर भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

इस सप्ताह कई और हिस्सों में भी बारिश के साथ राहत की उम्मीद की जा रही है। अगले 24 घंटे में मॉनसून के लखनऊ पहुंचने की उम्मीद है वहीं, मुंबई में बुधवार तक मॉनसून दस्तक दे सकता है। रविवार को मॉनसून पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक पहुंच गया। पिछले बुधवार को बंगाल की खाड़ी पर बने दबाव से मॉनसून का तेजी से आगे बढ़ने का क्रम शुरू हुआ और 4 दिनों में ही करीबन 700 किमी. के क्षेत्र तक पहुंच गया। बंगाल की खाड़ी पर बना यह दबाव सामान्य से अलग है क्योंकि इस साल मॉनसून अब तक वाराणसी पहुंच गया है।

क्षेत्रीय मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, दक्षिण पश्चिम मॉनसून मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ और कर्नाटक के बाकी हिस्सों में पहुंच चुका है। इसके अलावा तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार में भी मॉनसून का आगाज हो गया है। बिहार में भी बारिश के कारण गर्मी से कुछ राहत मिली है। इसके अलावा बारिश के कारण राज्य में चमकी बुखार पर भी नियंत्रण में कुछ राहत मिलेगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी रविवार को अच्छी बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटे में मानसून दक्षिण गुजरात और पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहुंचने की संभावना है।

मॉनसून के पहुंचने के बाद भी मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्षा की कमी के आंकड़े की भरपाई नहीं हो पाएगी। इस साल मानसून में फिलहाल 43 फीसदी की कमी रही है। मध्य भारत पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है जहां बारिश औसत से 54 फीसदी कम रही है. लेकिन अब मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में राज्यों में मानसून को लेकर उम्मीद जताई है।

भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिकों अनुसार, दिल्लीवालों को मानसून के लिए अब जुलाई के दूसरे सप्ताह तक इंतजार करना पड़ेगा। पहले उम्मीद की जा रही थी कि मानसून दिल्ली तक जुलाई के पहले सप्ताह तक पहुंच जाएगा।