मोबिलिटी सम्मेलन: भविष्य में भारतीय ट्रांसपोर्ट की रूपरेखा पर चर्चा

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पहले विश्व मोबिलिटी शिखर सम्मेलन में शुक्रवार को केंद्र सरकार के कई केंद्रीय मंत्रियों ने देश-विदेश से आए निजी और सामाजिक क्षेत्रों के सीईओ और प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और भविष्य में भारतीय ट्रांसपोर्ट की रूपरेखा पर चर्चा की. अर्थव्यवस्था में ट्रांसपोर्ट सेक्टर के महत्व को रेखांकित करते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन, विद्युतीकरण और वैकल्पिक ईंधन, सार्वजनिक परिवहन, माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स और डाटा विश्लेषण के साथ तकनीक और इनोवेशन की भूमिका पर चर्चा की गई.

शुक्रवार को पहले विश्व मोबिलिटी शिखर सम्मेलन के उद्घाटन के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी, रेल एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल, सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने देश-विदेश से आए निजी और सामाजिक क्षेत्रों के सीईओ और प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और भविष्य में भारतीय ट्रांसपोर्ट की रूपरेखा पर चर्चा की. ट्रांसपोर्ट मंत्री नितिन ग़डकरी ने एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि देश में 10 अक्टूबर से 2 और रो-रो फेरी सेवा की शुरुआत होगी, जो देश में जलमार्ग को मोबिलिटी के नए आयामों तक ले जाने में मदद करेगा.

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है, जिसमें ट्रांसपोर्ट सेक्टर का एक महत्वपूर्ण स्थान है और आने वाले वक़्त में इसे बेहतर बनाने के साथ-साथ सामान ढुलाई एवं पर्यावरण हितैषी बनाने पर पूरा जोर होगा.

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन, विद्युतीकरण और वैकल्पिक ईंधन, सार्वजनिक परिवहन की नए सिरे से खोज, माल ढुलाई परिवहन और लॉजिस्टिक्स और डाटा विश्लेषण तथा मोबिलिटी को 2030 तक हासिल करने का सरकार का लक्ष्य है.

विश्व मोबिलिटी सम्मेलन में नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि आने वाले दिनों में भारत वैश्विक मोबिलिटी क्षेत्र में अहम योगदान देगा. मोबिलिटी मे नवाचार के लिए तकनीकी प्रगति और डेटा माइनिंग की आवश्यकता है. आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि डेटा उपलब्धता, डेटा उपयोगिता, डेटा नवाचार और डेटा की गोपनीयता के बीच संतुलन को बनाने की जरूरत है. भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप पारिस्थितिक तंत्र है. लेकिन डेटा संग्रह और नवाचार को कुछ सिद्धांतों का भी पालन करना चाहिए.

दुनिया भर से आए उद्योगपतियों, विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने दिनभर चले कई समानांतर सत्रों में भविष्य की परिवहन व्यवस्था और इसमें तकनीकी और इनोवेशन की भूमिका पर चर्चा की.