शासकीय भूमि से रेत खनन के लिए खदान चिन्हित

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बालाघाट @ शासन के निर्देशों के अनुसार ग्राम पंचायत द्वारा कराये जाने वाले कार्यों के लिए शासकीय भूमि से गौण खनिज कर रेत का उत्खनन एवं परिवहन के लिए रायल्टी मुक्त अभिवहन पास जारी किये जाने का प्रावधान है। इसी परिप्रेक्ष्य में जिले के 10 विकासखंडों के ग्रामों में रेत के उत्खनन के लिए खदान चिन्हित कर ली गई है। कलेक्टर डी व्ही सिंह ने जिले की समस्त 11 तहसीलों के तहसीलदारों को निर्देशित किया है कि वे रेत के उत्खनन के लिए चिन्हित की गई खदान का शीघ्र सीमांकन उत्खनन क्षेत्र निश्चित करायें जिससे निर्धारित क्षेत्र के बाहर रेत का उत्खनन न हो सके।

ग्राम पंचायतों के कार्यों के लिए शासकीय भूमि से रेत के उत्खनन के लिए बालाघाट विकासखंड में ग्राम भमोड़ी, रोशना, घंघरिया व धापेवाड़ा को चिन्हित किया गया है। इसी प्रकार किरनापुर विकासखंड में ग्राम पिपरटोला, मौदा व परसवाड़ा, वारासिवनी विकासखंड में ग्राम सिकन्द्रा, मेंहदीवाड़ा व महदोली, खैरलांजी विकासखंड में ग्राम अतरी, चिचोली, नोंसाघाट, गजपुर व घोटी, बैहर विकासखंड में ग्राम कटंगी (पोंगारनाला), लगमा व परसामऊ, परसवाड़ा विकासखंड में ग्राम खुरमुंडी (गुरारनाला), सहेजना व झांगुल, बिरसा विकासखंड में ग्राम सुरवाही, जमुनिया व धामनगांव, लांजी विकासखंड में ग्राम बापड़ी, उमरी व कोचेवाही, लालबर्रा विकासखंड में ग्राम खारी, पनबिहरी व धपेरा तथा कटंगी विकासखंड में ग्राम कोडबी व बाहकल को चिन्हित किया गया है।

रेत खनन के लिए चिन्हित किये गये इन ग्रामों की रेत खदानों के चिन्हित क्षेत्र से खनन की गई रेत का उपयोग केवल ग्राम पंचायत में चल रहे सार्वजनिक निर्माण कार्यों के लिए किया जायेगा। जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे चिन्हित क्षेत्र से ग्राम पंचायतों को प्रदान की गई नि:शुल्क रेत की पंचायत वार मात्रा की सूची जिला कार्यालय को उपलब्ध करायें।