घर या रिहायशी क्षेत्र में एक से ज्यादा कोरोना मरीज पाये जाने पर माइक्रो कण्टेनमेंट जोन

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जबलपुर @ जिस घर या जिस रिहायशी क्षेत्र में एक से ज्यादा कोरोना मरीज पाये जाये वहाँ माइक्रो कण्टेनमेंट जोन बनायें और कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के परिवार के सदस्यों सहित उसके नजदीकी सम्पर्क में आने वाले व्यक्तियों के आवागमन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दें। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने आज शुक्रवार को सभी एसडीएम, तहसीलदार, आरआरटी प्रमुखों बीएमओ तथा नगरीय निकायों एवं जनपद पंचायतों के अधिकारियों को वर्चुअल मीटिंग में दिये। जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के उपायों की समीक्षा के लिये आयोजित इस मीटिंग में शर्मा ने अधिकारियों को होमआइसोलेशन एवं कंटेनमेंट जोन के नियमों का सख्ती से पालन कराने की हिदायत भी दी।

कलेक्टर ने वर्चुअल मीटिंग में कहा कि एसडीएम, कार्यपालिक दंडाधिकारी और आरआरटी प्रमुख अपने क्षेत्र में होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना मरीजों के घर की पुलिस अधिकारियों के साथ विजिट करें तथा उन्हें एवं उनके परिवारजनों को नियमों का पालन करने की हिदायत दें। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो जुर्माना करने के साथ-साथ उनके विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज करायें। कलेक्टर ने होम आइसोलेशन में उपचार करा रहे पॉजिटिव मरीजों के स्वास्थ्य की कोरोना कन्ट्रोल रूम के टेलीमेडिशन सेंटर के माध्यम से लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिये।

उन्होंने कण्टेनमेंट जोन में दूध, दवा जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुये पॉजिटिव मरीजों के घर को सेनिटाइज करने और पोस्टर चस्पा करने की बात भी कही। कलेक्टर कहा कि उन क्षेत्रों में सेम्पलिंग बढाने की जरूरत भी बताई जहाँ ज्यादा संख्या में कोरोना मरीज सामने आ रहे हैं। कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्र में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कोरोना मरीजों के उपचार के लिये बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होंने सिहोरा और पनागर अस्पताल में ऑक्सीजन युक्त दस-दस बिस्तरों की व्यवस्था करने कहा। उन्होंने तहसील मुख्यालयों में कोविड केयर सेंटर के लिये स्थान चिन्हित करने के निर्देश भी दिये।

कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना की रोकथाम के लिये हर जरुरी उपाय अपनाने तथा प्रत्येक पॉजिटिव एवं एक्टिव केस की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने की सलाह अधिकारियों को दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में बाहर से आये लोगों पर पर भी नजर रखी जाये और उन्हें सात दिन के लिये घर में ही क्वारन्टीन किया जाये तथा इस पर पंचायत सचिव, रोजगार सहायक एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं के माध्यम से भी नजर रखी जाये। कलेक्टरने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराने चलाये जा रहे रोको-टोको अभियान में और सख्ती बरतने की हिदायत भी वर्चुअल मीटिंग में दी। वर्चुअल मीटिंग से जिला पंचायत की सीईओ रिजु बाफना भी जुड़ी थीं।