मौसम विभाग ने दिया चमोली, तपोवन और जोशीमठ का अपडेट, कैसा रहेगा मौसम का हाल?

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उत्तराखंड। चमोली जिले में हिमखंड टूटने से नदियों में आई विकराल बाढ़ ने केदारनाथ आपदा की भयावह यादें फिर से ताजा कर दीं. उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ क्षेत्र के रेनी गांव में एक बिजली परियोजना के पास भारी बाढ़ के कारण 150 से अधिक लोगों के मारे जाने की और 150 से अधिक लोगों के लापता होने की आशंका है.

एनडीआरएफ कंट्रोल रूम के मुताबिक अब तक करीब 10 शव बरामद किए गए हैं. ऋषि गंगा पॉवर प्रोजेक्ट के समीप हिमस्खलन के बाद नदी के छह स्रोतों में से एक, धौलीगंगा नदी में जल स्तर में अचानक बढ़ोतरी हो गई. घटना रविवार सुबह की है.

उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार को हिमखंड टूटने से नदियों में आई विकराल बाढ़ ने आठ साल पहले की केदारनाथ आपदा की भयावह यादें फिर से ताजा कर दीं. हांलांकि, गनीमत यह रही कि वर्ष 2013 की तरह इस बार बारिश नहीं थी और आसमान पूरी तरह साफ था जिससे हेलीकॉप्टर उड़ाने में मौसम बाधा नहीं बना. राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीमें जल्द ही प्रभावित स्थान पर पहुंच गईं और बचाव अभियान तुरंत शुरू कर दिया गया.

चमोली, तपोवन और जोशीमठ में कैसा रहेगा मौसम का हाल?

उत्तराखंड आपदा को लेकर एक राहत भरी खबर मौसम विभाग (Weather Forecast today) ने भी दी है. मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को बताया कि आने वाले दो तीन दिनों में इन तीन प्रभावित इलाकों में मौसम (Uttarakhand Weather Forecast) ठीक रहेगा.

मौसम विभाग का कहना है कि उत्तराखंड के चमोली, तपोवन और जोशीमठ (Chamoli, Tapovan and Joshimath Weather updates) में सात और आठ फरवरी को प्रतिकूल मौसम की कोई आशंका नहीं. यानी की तमाम राहत एजेंसियों द्वारा चलाया जा रहा राहत अभियान अच्छे से प्रभावी तरीके से चलता रहेगा.

प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने यहां बताया कि हमारी पुलिस और एसडीआरएफ के जवान पूरी तरह मुस्तैदी से जोशीमठ के पास आई आपदा से निपटने में लगे हैं और हमारा पूरा प्रयास यह है कि जो भी लोग लापता हैं, उन्हें ढूंढा जाए. दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बिना समय गंवाए आपदा की सूचना मिलते ही तत्काल हेलीकॉप्टर से प्रभावित स्थल पर पहुंचे और मौके का जायजा लिया . वह स्वयं बचाव और राहत कार्य कार्य की निगरानी कर रहे हैं.