आरोपी को भगाने और घटना को छुपाने में माहिर है यहाँ के थाना प्रभारी, 28 साल से एक ही कुर्सी पर कर रहे है राज

शेयर करें:

लखनऊ @ राजधानी पुलिस अपराध और अपराधियों को रोकने में है असफल पिछले 1 साल से अपनी नाकामयाबी को छुपाने में लगी हुई है पुलिस पर आरोप है कि जिस को जानती है उसी का लिखा जाता है एफआईआर। खैर मामला है लूट के आरोपी को भगाने और घटना को छुपाने का कितनी सच्चाई है यह तो जांच का विषय है ।

जानकीपुरम थाना प्रभारी पी के झा की लापरवाही से लूट के आरोप में पकड़ा गया शातिर लुटेरा हिरासत से फरार हो गया। वैसे कुछ दिन पहले थाना प्रभारी महोदय बता रहे थे कि पिछले 28 सालों से इस कुर्सी पर उनका राज है अब समझ में आया आखिर वह कौन सा काम था जिससे इनकी कुर्सी 28 सालों से बनी हुई है ताजा मामला लूट के आरोपी को भगाने और घटना को छुपाने का है

जानकीपुरम पुलिस ने उसे दो दिन पहले बाइक के साथ आरोपी को पकड़ा था। लुटेरे के साथी को पकड़ने के प्रयास में निकली पुलिस को वह शनिवार रात को चकमा देकर रफूचक्कर हो गया। लापरवाही की कलाई खुलने पर प्रभारी निरीक्षक घटना की लीपापोती कर छिपाने का प्रयास करते रहे। सूत्रों के मुताबिक सेक्टर-3 जानकीपुरम निवासी मिथुन उर्फ बाबा शातिर लुटेरा है।

जानकीपुरम पुलिस ने शुक्रवार देर शाम मुखबिर की सूचना पर आरोपित को सीडीआरआई के पास से घेराबंदी कर दबोच लिया। उसके पास मिली पल्सर बाइक समेत पुलिस उसे थाने लेकर आई। सूत्रों ने बताया कि पुलिस पूछताछ में आरोपि ने लूट की एक घटना में अपने एक और साथी के शामिल होने की जानकारी दी।

उसने अपना नाम मिथुन उर्फ बाबा व एक नाम और बताया जो पुलिस के रिकार्ड में दर्ज भी है। इसके बाद पुलिस शनिवार की रात उसे लेकर उसके साथी को दबोचने के लिए जा रही थी। तभी आरोपी रास्ते में टॉयलेट जाने का झांसा देकर पुलिस जीप से उतरा और रफूचक्कर हो गया।

इस दौरान एक दरोगा और सिपाहियों ने उसे दौड़ाया भी लेकिन वह भागने में कामयाब हो गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई घटना पुलिस कस्टडी से आरोपी के फरार होने की घटना रविवार को सोशल मीडिया पर वायरल होने से जानकीपुरम पुलिस के हाथ-पैर फूल गए।

अधिकारियों के प्रभारी निरीक्षक पी के झा से स्पष्टीकरण मांगने पर वह गोल मोल जवाब देते रहे। आरोपित की थाने पर मौजूदगी की फोटो वायरल होने के बावजूद घटना को छिपाने में माहिर प्रभारी पी के झा ने जानकारी होने से ही साफ इनकार कर दिया।

इस मामले में फरार आरोपी के परिवारिजनों ने जानकीपुरम पुलिस पर उसे गायब करने का आरोप लगाते हुए बताया कि एसएसपी साहब से मुलाकात कर मामले की जांच के लिए कहेंगे जिससे जांच निष्पक्ष हो इस काम के लिए अन्य विभाग से बिना भेदभाव के करवाया जाए और थाना प्रभारी की करतूतों को सबके सामने लाया जाए