पत्नी और बेटे की तलाश में दर-दर भटक रहा युवक

शेयर करें:

जबलपुर। गरीब की नही सुनती पुलिस एक ऎसा ही मामला जबलपुर सिहोरा थाना अन्तर्गत देखने को मिल रहा है। लापता बेटे और पत्नी की तलाश में युवक दर-दर भटक रहा है। लेकिन उसे लगातार 18 दिन से निराशा ही हाथ लगी है। हर बार थाने से एक ही जवाब मिलता है तुम्हारी फाइल रीठी थाने में भेज दी है रीठी थाने से जवाब मिलता है सिहोरा थाने जाओ इसी दो थानों के बीच लटकी है इस गरीब की उम्मीद। घटना 25 अगस्त 2019 सिहोरा की है। सिहोरा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज है. बारे लाल यादव जबलपुर में एक में काम करता है।

लक्ष्मी बाई यादव 13 अगस्त को अपने जीजा के साथ राखी पर अपने घर भरतपुर (थाना रीठी जिला कटनी) गई थी. फिर तारीख 25 अगस्त को वापस अपनी ससुराल पनागर जबलपुर आने के लिए लक्ष्मी के चाचा शिव कुमार यादव उर्फ़ शिवा ने उसे एक लड़के के साथ बस में बैठवाने के लिए बढ़गाव भेजा था. लक्ष्मी अपने डेढ़ साल के बेटे (राघव यादव ) के साथ 10 बजे की गुप्ता बस सर्विस से सिहोरा तक आई इस बीच बारे लाल की बात मोबाईल पर लक्ष्मी बाई से हुई थी – की मै सिहोरा आ गईं हूँ आप पनागर में मिलो, फिर उसके बाद लक्ष्मी का मोबाईल स्विच आफ हो गया तब से आज तक उसका कोई पता नहीं है. पनागर में बारे लाल को जब वो नहीं मिली तो वो सिहोरा थाने में जाकर गुम सुदा की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस की पूंछतांछ में बस कंडेक्टर ने बताया लक्ष्मी बाई यादव सिहोरा उतारी थी वो कहाँ गई मुझे नहीं मालूम।

बारे लाल की शादी लक्ष्मी बाई से 2016 में हुई थी सब कुछ हसी ख़ुशी से परिवार चल रहा था २५ अगस्त को अचानक बारे लाल की जिंदगी में डेढ़ साल के बेटे के साथ पत्नी के ग़ुम जाने का हादसा हो गया जिससे उसका पूरा परिवार सदमे में है अब वह दर दर भटक रहा है.

ख़बर जंक्शन को बारेलाल ने बताया कि – लक्ष्मी बाई यादव के चाचा ( शिव कुमार यादव उर्फ़ शिवा) ने उसे जिस लड़के के साथ बस में बैठवाने के लिए बढ़गाव भेजा था उसका नाम नहीं बता रहे है इसलिए मेरा शक उनके ऊपर जाता है.