सुप्रीम कोर्ट से मेजर आदित्य कुमार को बड़ी जीत

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सुप्रीम कोर्ट से मेजर आदित्य कुमार को एक बड़ी जीत मिली है। देश की सर्वोच्च अदालत ने आदित्य कुमार के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई पर रोक लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने मेजर आदित्य के पिता कर्नल कर्मवीर की याचिका पर सुनवाई के दौरान साफ निर्देश दिए है कि सेना के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता में न्यायालय की पीठ ने केंद्र और जम्मू कश्मीर सरकार को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब देने को कहा है। उच्चतम न्यायालय का यह आदेश मेजर आदित्य के पिता लेफ्टिनेंट कर्नल कर्मवीर सिंह की उस याचिका पर आया है

जिसमें उन्होंने अपने पुत्र और अन्य सैनिकों के नाम एफआईआर वापस लिए जाने की मांग की थी। मेजर आदित्य के पिता ने कहा है कि उनके सैन्य अधिकारी बेटे ने जो भी किया वो अपने कर्तव्य निर्वाहन में सरकारी संपत्ति और सैन्य अधिकारियों की रक्षा के लिए किया।

सेना का भी मानना है कि एफआईआऱ गलत है और शोपियां में जवानों ने आत्मरक्षा में फायरिंग की थी। श्रीनगर के शोपियां में इस साल 27 जनवरी को सेना के काफिले पर हिंसक भीड़ का हमला और पत्थरबाजी रोकने के लिए सेना द्वारा की गई फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में मेजर आदित्य के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई थी।

सेना का भी मानना है कि एफआईआर गलत है। सेना का कहना है कि शोपियां में जवानों ने आत्मरक्षा में फायरिंग की थी। वहीं मुंबई में शोपियां में भीड़ पर फायरिंग के आरोप में सेना के मेजर आदित्य कुमार पर दर्ज एफआईआर के खिलाफ पूर्व सैन्यकर्मियों ने प्रदर्शन किया।

मेजर आदित्य के खिलाफ शोपियां में 27 जनवरी को एफआइआर दर्ज की गई थी। श्रीनगर के शोपियां में गत 27 जनवरी को सेना के काफिले पर हिंसक भीड़ का हमला और पत्थरबाजी रोकने के लिए सेना द्वारा की गई फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में जम्मू कश्मीर पुलिस ने सैन्य काफिले की अगुवाई कर रहे मेजर आदित्य के खिलाफ रणबीर पीनल कोड की धारा 336, 307 और 302 के तहत एफआईआर दर्ज की।