महाराष्ट्रः बच्चा चोरी के आरोप में पांच की हत्या के मामले में प्रशासन सख्त, 23 गिरफ्तार

शेयर करें:

क्या आप सोशल मीडिया पर मिले संदेशों को उनकी सत्यता की जांच किये बिना ही फॉरवर्ड कर देते हैं ? अगर आप भी ऐसा करते हैं ऐसा है तो यह बहुत खतरनाक है। सोशल मीडिया पर इस तरह का अफवाह तंत्र निर्दोष लोगों की जान भी ले सकता है।

महाराष्ट्र के धुले में ऐसा ही हुआ, जब रविवार को भीड़ ने पांच लोगों को बच्चे उठाने वाला गिरोह समझकर पांचों की पीट-पीट कर हत्या कर दी। हालांकि पुलिस ने इस मामले में तुरंत कड़ी कार्रवाई की और अब तक 23 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन देश में सोशल मीडिया पर झूठी खबरों के आधार पर मोब-लिंचिंग की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है।

महाराष्ट्र के धुले में रविवार को भीड़ द्वारा की गई पिटाई में 5 लोगों की मौत हो जाने के मामले में पुलिस ने कठोर कार्रवाई की है और अब तक 23 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए लोगों से अन्य आरोपियों की जानकारी निकाली जा रही है और उन्हें पकडऩे का प्रयास जारी है।

घटना धुले जिले के पिंपालनेर से 25 किलोमीटर दूर स्थित आदिवासी रेनपाड़ा गांव की है । कुछ अन्य लोगों के साथ इन पांचों को राज्य परिवहन बस से उतरते देखा गया। इन पांच में से एक व्यक्ति ने जब एक बच्ची से बातचीत करने की कोशिश की तो साप्ताहिक रविवार बाजार में खरीदारी के लिए आए लोगों ने उनकी पिटाई शुरू कर दी।

भीड़ के हमले में पांच लोग मारे गए। इस घटना में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, इलाके में पिछले कुछ दिनों से अफवाह फैली हुई थी कि इलाके में बच्चा चोर गिरोह सक्रिय है। इस मामले में मारे गए लोगों का शव लेने से उनके परिजनों ने मना कर दिया है। हालाँकि स्थानीय पुलिस पीडि़तों को समझाने का प्रयास कर रही है।

इस बीच राज्य सरकार ने घटना को दुखद बताते हुए कहा है कि जांच जारी है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा । राज्य सरकार ने पीडित परिवारों के लिए मुआवजे का भी एलान किया है।

धुले की घटना पहली नहीं है। बच्चा चोर गिरोह की अफवाह के चलते हाल के दिनों में गुजरात, असम, झारखंड, त्रिपुरा और तमिलनाडु में लोगों की भीड के हाथों पिटाई के मामले सामने आए हैं। इन मामलों में सोशल मीडिया की भूमिका भी खासी विवादास्पद रही है । ऐसे में लोगों को सोशल मीडिया खासकर व्हाटसअप पर फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न देने की जरुरत है ।