सौभाग्य योजना में देश में अव्वल रहा मध्यप्रदेश

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इन्दौर @ सौभाग्य योजना में पूरे प्रदेश में 19 लाख 84 हजार 264 कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। सौभाग्य योजना के लक्ष्य को देश भर में मध्यप्रदेश ने सबसे पहले पूर्ण किया है।

पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना के द्वितीय चरण में 660-660 मेगावाट की दो यूनिट्स को अल्प समय में क्रियान्वित कर देश में अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। पावर ट्रांसमिशन द्वारा गत वर्ष में 22 अति उच्च दाब सब स्टेशनों और 1157 सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण और 3906 एमवीए की क्षमता की बढ़ोतरी कर देश की उत्कृष्ट ट्रांसमिशन पावर यूटिलिटी के रूप में स्वयं को सिद्ध किया है। पावर मैनेजमेंट कंपनी ने देश में पावर ट्रेडिंग तथा बैंकिंग में पेशेवर ढंग से कार्य करते हुए करोड़ों रूपयों का लाभ दिलाया है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक नंद कुमारम ने इन सफलताओं का श्रेय बिजली अभियंताओं और कार्मिकों की कर्त्तव्यपरायणता तथा समर्पण भावना को दिया है।

कंपनियों के समन्वित प्रयास से संभव हुई रिकार्ड बिजली मांग की सप्लाई
नंदकुमारम ने कहा कि नए वर्ष के पहले दो दिन में प्रदेश में बिजली की मांग 13800 मेगावाट से ऊपर दर्ज हो रही है। प्रदेश की सभी बिजली कंपनियों के समन्वित प्रयास से इसकी सप्लाई सफलतापूर्वक संभव हुई है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार गत वर्ष 2018 में 31 अक्टूबर को बिजली की मांग 12,268 मेगावाट से ऊपर पहुंच गई थी। हम ने बिजली की इस मांग की सप्लाई सफलतापूर्वक पूरी भी की। दिनांक 27 दिसंबर को प्रदेश में बिजली की मांग रिकार्ड 13,778 मेगावाट तक पहुंची।

प्रदेश में 31 दिन 13,000 मेगावाट से ऊपर बिजली की मांग रही। प्रदेश में 21 नवम्बर 2018 को इतिहास की एक दिन की सर्वाधिक बिजली की सप्लाई 26 करोड़ 58 लाख 69 हजार यूनिट भी की गई। प्रदेश में बिजली की मांग बढ़ने का मुख्य कारण कृषि क्षेत्र में बढ़ोतरी, सिंचाई के नए साधनों का बढ़ना, शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्र में बसाहट का फैलाव और जीवन स्तर में सुधार है। प्रदेश की सभी बिजली कंपनियों के योगदान से रबी सीजन में किसानों को 10 घंटे गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली की आपूर्ति की गई है।

जेनको का पीएलएफ देश के राष्ट्रीय औसत से अधिक
नंदकुमारम ने कहा कि मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना के दूसरे चरण में 660 मेगावाट क्षमता की इकाई क्रमांक तीन से 18 नवम्बर से कॉमर्शियल बिजली उत्पादन प्रारंभ कर दिया गया, जबकि 660 मेगावाट क्षमता की इकाई क्रमांक चार 27 दिसंबर को सिंक्रोनाइज कर दी गई। इकाई क्रमांक तीन से कॉमर्शियल बिजली उत्पादन प्रारंभ होने के बाद जेनको की ताप विद्युत उत्पादन क्षमता 4740 मेगावाट हो गई।

दिसंबर माह तक जेनको का ताप विद्युत उत्पादन 18,508 मिलियन यूनिट रहा। यह ताप विद्युत उत्पादन पिछले चार वर्षों में सर्वाधिक है। जेनको का वर्तमान में प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ) 66 प्रतिशत है। यह पीएलएफ देश भर के राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है। यह पीएलएफ पिछले पांच वर्ष में सर्वोच्च है। वर्ष 2018 में जेनको के चारों ताप विद्युत गृहों की अद्यतन औसत तेल खपत 0.75 मिली लीटर प्रति इकाई है, जो कि अभी तक की सबसे कम तेल खपत है।

विद्युत शिकायत निवारण के लिए 15 जनवरी तक लगेंगे शिविर
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्रान्तर्गत 16 जिलों के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं के निराकरण के लिए वितरण केन्द्र और जोन स्तर पर शिकायत निवारण शिविर लगाये जायेंगे। ये शिविर 2 से 15 जनवरी तक लगाये जायेंगे। गौरतलब है कि राज्य शासन ने विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं के निराकरण के लिए शिविर लगाने के निर्देश दिये हैं। कंपनी द्वारा 350 से अधिक शिविर लगाये जायेंगे।

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोयल ने बताया कि शिकायत निवारण शिविर में विद्युत उपभोक्ताओं की विद्युत प्रदाय, कृषि एवं घरेलू उपभोक्ताओं को निर्धारित अवधि से कम विद्युत प्रदाय, वोल्टेज कम-ज्यादा होने और बिजली बिल संबंधी शिकायतों तथा समस्याओं का निराकरण किया जायेगा। इसके साथ ही आंकलित खपत, अधिक राशि के बिल, गलत बिल जारी होने, बन्द-खराब मीटर, खराब अथवा फेल ट्रांसफार्मर को बदलने संबंधी शिकायतों और समस्याओं का निराकरण भी किया जाएगा।

शिविरों में जोन और वितरण केन्द्र कार्यालयों के अधिकारी अनिवार्यतः उपस्थित रहेंगे। प्राप्त शिकायतों का निराकरण यथासंभव मौके पर ही किया जाएगा। लंबित प्रकरणों का निराकरण अधिकतम एक सप्ताह की समयावधि में संबंधित वितरण केन्द्र प्रभारी/जोन प्रभारी द्वारा किया जायेगा। इन शिविरों में क्षेत्रीय विधायक, जन-प्रतिनिधि, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार आदि उपस्थित रहेंगे।