Lockdown 4.0 में क्या है छूट का प्रावधान: गृह मंत्रालय की गाइडलाइन्स, ऐसे खुलेंगे ऑफिस और दुकानें लिस्ट देखें

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महामारी की वजह से देश में जारी लॉकडाउन (Lockdown) के तीसरे चरण की मियाद आज 17 मई को खत्म हो रही है. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि आज किसी भी वक्त लॉकडाउन 4.0 की घोषणा हो सकती है. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लॉकडाउन बढ़ाने का संकेत दे चुके हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि लॉकडाउन 4 पूरी तरह से नया होगा. इसमें कई तरह के बदलाव और छूट दिए जाएंगे.

गृह मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइंस, आयोजनों पर पाबंदी जारी, बस चलाने पर ढील

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी लॉकडाउन 4.0 के दिशा-निर्देश के अनुसार देश भर में सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक रहेगी, स्कूल, मॉल, रेस्तरां बंद रहेंगे, विमान और मेट्रो ट्रेनों का परिचालन भी 31 मई तक बंद रहेगा. गौरतलब है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने रविवार शाम एक आदेश जारी कर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन कानून, 2005 के प्रावधान के तहत कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश भर में लागू लॉकडाउन को 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन 4.0 के लिए आज शाम नौ पन्ने का दिशा-निर्देश जारी कर स्पष्ट किया कि इस दौरान क्या किया जा सकता है और क्या नहीं.

क्या किया जा सकता है और क्या नहीं

  • घरेलू हवाई एम्बुलेंस के अलावा अन्य सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद रहेंगी।
  • 31 मई तक देश भर में मेट्रो रेल सेवा, स्कूल, कॉलेज, होटल, रेस्तरां, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, स्वीमिंग पूल (तरण ताल), जिम आदि बंद रहेंगे।
  • इस अवधि में सभी सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक कार्यक्रमों पर रोक रहेगी साथ ही सभी प्रार्थना और धार्मिक स्थल बंद रहेंगे।
  • राज्यों की परस्पर सहमति से अंतरराज्यीय यात्री वाहनों, बस सेवाओं की आवाजाही को अनुमति दी जा सकती है।
  • राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को अपने-अपने यहां कोरोना वायरस संक्रमण के हालात को देखते हुए रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन बनाने का अधिकार दिया गया है. जिला प्रशासन अपने यहां रेड और ऑरेंज जोन में ‘निषिद्ध’ और ‘बफर’ जोन चिह्नित करेगा।
  • कंटेनमेंट जोन में स्थित दुकानों और मॉल के अलावा सोमवार से सभी दुकानों को अलग-अलग समय पर खोलने की अनुमति है. स्थानीय प्रशासन सुनिश्चित करे कि कंटेनमेंट जोन के बाहर स्थित सभी दुकानें और बाजार अलग-अलग समय पर खुलें।
  • आवश्यक सेवाओं से इतर, अन्य सभी लोगों के लिए शाम सात बजे से सुबह सात बजे के बीच देश भर में घरों से बाहर निकलने पर पाबंदी होगी।
  • 65 वर्ष से अधिक उम्र वाले, गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग, गर्भवती महिलाएं और 10 साल से कम उम्र के बच्चे घर में ही रहें।
  • निषिद्ध क्षेत्रों में स्थित दुकानों और मॉल के अलावा सोमवार से सभी दुकानों को अलग-अलग समय पर खोलने की अनुमति है।
  • स्थानीय प्रशासन सुनिश्चित करे कि निषिद्ध क्षेत्र के बाहर स्थित सभी दुकानें और बाजार अलग-अलग समय पर खुलें।
  • सभी दुकानें सुनिश्चत करें कि उनके ग्राहक एक-दूसरे से छह फुट की दूरी पर रहें और एक समय पर पांच लोगों से ज्यादा को वहां रहने की अनुमति ना दें।

ऐसे खुलेंगे ऑफिस और दुकानें

गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन चार को 31 मई तक बढ़ाने का फैसला किया है। इकनॉमिक ऐक्टिविटी चलती रहे इसके लिए मंत्रालय की तरफ से नई गाइडलाइन जारी की गई है, जिसमें ऑफिस और दुकानों को लेकर कुछ नियम बनाए गए हैं।

  • बस डिपो, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर कैंटीन को खोलने की इजाजत दी गई है।
  • रेस्टोरेंट खुल तो नहीं सकते हैं, लेकिन किचन का इस्तेमाल होम डिलिवरी के लिए किया जा सकता है।
  • दुकान और मार्केट को लेकर: दुकान और मार्केट खोलने को लेकर अब फैसला लोकल प्रशासन को करना है। बाजार खुलने और बंद होने की टाइमिंग लोकल प्रशासन डिसाइड करेगा। इसके अलावा एक दुकान पर एकसाथ 5 से ज्यादा कस्टमर नहीं रह सकते। दो कस्टमर के बीच की दूरी कम से कम 6 फुट होगी।
  • गृह मंत्रालय ने अपील की है कि अगर संभव है तो घर से काम करें, ऑफिस जाने से बचें।
  • ऑफिस को खोलने की इजाजत हैं, लेकिन कई नियम है जिन्हों फॉलो करना होगा।
  • ऑफिस के कॉमन एरिया में थर्मल स्कैनिंग, हैंड वॉश और सैनिटाइजर की सुविधा हो।
  • दो शिफ्ट के बीच में गैप रखने का निर्देश दिया गया है और कॉमन एरिया का लगातार सैनिटाइजेशन जरूरी है।
  • इसके अलावा सिटिंग अरेंजमेंट इस तरह हो कि दो कर्मचारी के बीच पर्याप्त दूरी बनी रहे। इसके अलागा कर्मचारियों को अलग-अलग लंच ब्रेक पर भेजा जाए। इसका मकसद एकजुट होने से रोकना है।
  • कार्यालयों और कार्य स्थलों पर कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी कर्मचारियों को अपने मोबाइल पर आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा। मेडिकल प्रफेशनल, नर्स, पैरा मेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मचारियों और एंबुलेंस के आने जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। सभी तरह के गुडस और कार्गो के आने जाने पर कोई पाबंदी नहीं होगी।
  • सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस के अनुसार राज्य के अंदर पब्लिक ट्रांसपोर्ट के आवागमन का फैसला राज्य सरकार को स्वयं लेना होगा। केंद्र सरकार ने यहां साफ कर दिया है कि राज्य अपने से तय करें कि क्या प्रदेश के भीतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट चलने चाहिए या नहीं।
  • पब्लिक व वर्क प्लेस पर मास्क पहनना अनिवार्य है.
  • सार्वजनिक व वर्कप्लेस पर थूंकना दंडनीय है. जुर्माने का भी प्रावधान है.
  • शादियों में केवल 50 तक लोगों और मृत व्यक्ति की अंतिम यात्रा में केवल 20 तक लोगों को शामिल होने की अनुमति है. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया जाएगा.
  • सार्वजनिक जगहों पर शराब, पान मसाला, गुटखा, तंबाकू आदि खाने की अनुमति नहीं है.
  • कॉमन क्षेत्रों के सभी एंटी व एग्जिट प्वॉइंट्स पर थर्मल स्कैनिंग, हैंडवॉश व सैनिटाइजर का प्रावधान होना चाहिए.
  • कामकाज वाली जगहों पर वर्कर्स के बीच सोशल डिस्टेंसिंग, शिफ्ट के बीच में गैप को मेंटेन किया जाएगा.

दर्शकों के बिना खुलेंगे खेल परिसर, स्टेडियम
सभी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम, स्विमिंग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क, थिएटर, बार और ऑडिटोरियम, एसेंबली हॉल और इस तरह के भीड़भाड़ वाले स्थान बंद रहेंगे। खेल परिसरों और स्टेडियमों को खोलने की अनुमति होगी लेकिन वहां दर्शकों को जाने की अनुमति होगी।

इन आयोजनों पर प्रतिबंध जारी
सभी तरह के सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम और जलसों की अनुमति नहीं होगी। सभी धार्मिक स्थल, पूजा स्थल जनता के लिए बंद रहेंगे। धार्मिक जलसों पर सख्त पाबंदी होगी।

बसों, यात्री वाहनों के आवागमन पर ढील
बसें और यात्री वाहन एक राज्य से दूसरे राज्य में जा सकते हैं लेकिन इसके लिए दोनों राज्यों की सहमति लेनी होगी। राज्य सरकारें अपने राज्य के भीतर बसों और यात्री वाहनों के संचालन की अनुमति दे सकती हैं। लोगों की आवाजाही के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रसीजर्स (एसओपी) का पालन करना होगा। यानी सोशल डिस्टेंसिंग और दूसरी शर्तें जारी रहेंगी। कोरोना के प्रकोप को रोकने के लिए जारी दिशानिर्देशों का पूरे देश में पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

कंटेनमेंट, बफर, रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मानकों के मुताबिक राज्य सरकारें अपने यहां रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन तय करेंगी। रेड जोन और ऑरेंज जोन के भीतर जिले के अधिकारी कंटेनमेंट जोन और बफर जोन तय करेंगे। कंटेनमेंट जोन में केवल जरूरी गतिविधियों की ही अनुमति होगी। इन इलाकों में लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया जाएगा और किसी भी व्यक्ति को वहां से किसी को आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। वहां केवल मेडिकल इमर्जेंसी और जरूरी वस्तुओं तथा सेवाओं की डिलिवरी की अनुमति होगी। इन इलाकों में घर-घर जाकर संक्रमित लोगों का पता लगाया जाएगा।

  1. सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस के अनुसार राज्य के अंदर पब्लिक ट्रांसपोर्ट के आवागमन का फैसला राज्य सरकार को स्वयं लेना होगा। केंद्र सरकार ने यहां साफ कर दिया है कि राज्य अपने से तय करें कि क्या प्रदेश के भीतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट चलने चाहिए या नहीं।
  2. राज्य सरकार को ये अधिकार दिया है कि वो तय करें कि उनके प्रदेश में कौन सा इलाका किस जोन में आएगा। यानी कंटेनमेंट जोन, रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन को अब प्रदेश सरकारें तय करेंगी। उसके बाद इन जोनों में किस तरह की रियायतें होंगी वो केंद्र सरकार तय करेंगी।
  3. सभी तरह के जोन की सीमाओं के बारे में सीमांकन करने की जिम्मेदारी जिले के अधिकारियों की होगी। वो तय करेंगे कि जिले की सीमाएँ खोली जाएं या नहीं।
  4. कंटेनमेंट जोन में केवल जरूरी कामों के लिए आप घर से बाहर आ सकते हैं। इन जोनों में किसी तरह की आवाजाही नहीं होगी। न तो इन इलाकों के भीतर कोई आ सकता है और न ही कोई इससे बाहर जाएगा। हालांकि मेडिकल इमरजेंसी और जरूरी सामान लाने के लिए आप निकल सकते हैं। लेकिन इसके लिए भी स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइंस के अनुसार ही छूट मिलेगी।
  5. शाम को सात बजे से सुबह के सात बजे तक आवाजाही पर रोक रहेगी। लोकल प्रशासन इसके लिए जरूरी आदेश दे और अपने अधिकार क्षेत्रों पर धारा 144 को लागू करे और सख्ती से पालन कराए।
  6. 65 साल के ज्यादा उम्र वाले लोग, गर्भवती महिलाएं और 10 साल से कम उम्र वाले बच्चों को घर पर ही रहने की सलाह दी जाती है। अगर कोई बहुत जरूरी काम जैसे कोई मेडिकल इमरजेंसी या फिर कोई बेहद जरूरी सामान लेना हो तभी घर से बाहर आएं।
  7. आरोग्य सेतु ऐप का प्रयोग करने के लिए कहा गया है। जिसके कि आपके आस-पास कोई भी कोरोना संदिग्ध हो तो ऐप के जरिए आपको पता चल जाए और फिर आप उस इलाके में न जाए। दफ्तरों में काम करने वाले लोगों के लिए ये ऐप बहुत जरूरी है ताकि वो अपने आसपास के इलाके से अवगत रहें। जिला प्रशासन आरोग्य सेतु ऐप को ज्यादा से ज्यादा लोगों को परिचित कराए और लगातार इससे अपडेट रहने की सलाह दे।
  8. कार्यालयों और कार्य स्थलों पर कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी कर्मचारियों को अपने मोबाइल पर आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा। मेडिकल प्रफेशनल, नर्स, पैरा मेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मचारियों और एंबुलेंस के आने जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। सभी तरह के गुडस और कार्गो के आने जाने पर कोई पाबंदी नहीं होगी।

इन 30 जिलों को नहीं मिलेगी किसी तरह की छूट
इस बीच ऐसे जिलों की लिस्ट सामने आई है जहां कोरोना के सबसे ज्यादा मामले हैं. इन जिलों को लॉकडाउन 4 में किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी. इन तीस जिलों में कोरोना के कुल मरीजों की 80 फीसदी संख्या है, आपको बता दें कि कोरोना वायरस ने सबसे ज्यादा कहर महाराष्ट्र पर बरपाया है. इस महामारी ने आर्थिक राजधानी मुंबई और आईटी हब पुणे को बुरी तरह से प्रभावित किया है। इसके अलावा ग्रेटर चेन्नई, अहमदाबाद, थाने, दिल्ली, इंदौर, कोलकाता, जयपुर, नाशिक, जोधपुर, आगरा, तिरुवल्लुवर, औरंगाबाद, कुड्डालोर, ग्रेटर हैदराबाद, सूरत, चेंगलपट्टू, अरियालुर, हावड़ा, कुर्नूल, भोपाल, अमृतसर, विल्लुपुरम, वडोदरा, उदयपुर, पालघर, बरहमपुर, सोलापुर और मेरठ में कोरोना के सबसे ज्याजा केसेज सामने आए हैं. जानकारी के मुताबिक केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने इन 30 इलाकों के म्युनिसिपल कमिश्नर, DM से चर्चा की है।

सोमवार से लॉकडाउन 4.0 शुरू हो जाएगा
इससे पहले राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकार (एनडीएमए) ने रविवार को कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की अवधि 31 मई तक बढ़ाई जाती है. एनडीएमए ने एक आदेश में कहा कि कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन की अवधि को देशभर में 14 दिन के लिए बढ़ाने की जरूरत है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, कोविड-19 से अभी तक देश में 2,872 लोगों की मौत हुई है वहीं रविवार सुबह तक 90,927 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।

एनडीएमए के सदस्य सचिव जी.वी.वी. शर्मा ने कहा कि आपदा प्रबंधन कानून, 2005 के प्रवधान 6(2)(आई) के तहत प्राप्त अधिकार का उपयोग करते हुए एनडीएमए भारत सरकार के मंत्रालयों और विभागों, राज्य सरकारों और राज्य के प्राधिकारों को लॉकडाउन के तहत लागू नियमों को 31 मई तक जारी रखने का निर्देश देता है।

आदेश के अनुसार, केन्द्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय कार्यकारी समिति को निर्देश दिया जाता है कि वह कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए ऐहतियात बरतते हुए आर्थिक गतिविधियां शुरू करने के लिए जरुरत के अनुसार आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करे।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का आह्वान किया था. उसके बाद उन्होंने 24 मार्च को अपने संबोधन में कहा कि देश में 25 मार्च से 21 दिन के लिए लॉकडाउन प्रभावी रहेगा. पहला चरण 14 अप्रैल को समाप्त होने वाला था, लेकिन उन्होंने इसे बढ़ाकर पहले तीन मई और फिर 17 मई कर दिया. आज के एनडीएमए के आदेश के साथ सोमवार से लॉकडाउन 4.0 शुरू हो जाएगा।