प्रतापगढ़ : शराब माफिया अब एसपी के तबादले व विवेचना लंवित रखने की शुरू किए पैरवी

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प्रतापगढ़ (जीतेन्द्र तिवारी)। तेज तर्राक व ईमानदार पुलिस अधीक्षक की कार्यप्रणाली शराब माफियाओ को राश नही आ रही है। शराब के अवैध कारोबार पर अचानक ब्रेक लगने तथा शराब माफियाओ के विरुद्ध ताबड़तोड़ कार्यवाही से उनमे खलबली मच गई है।

इस मुसीबत से निजात पाने के लिए शराब माफियाओ ने एक मीटिंग कर एसपी के तबादला तथा मुकदमे की विवेचना लंबित रहने के लिए रणनीति बनाये।शराब माफियाओ ने इस कार्य के लिए एक मद बना कर धन भी एकत्र किए है।

बता दे कि बेल्हा में आबकारी विभाग के समनान्तरण शराब माफियाओ ने अवैध शराब का कारोबार संचालित करते आ रहे थे।एसपी अनुराग आर्य ने इस अवैध कारोबार पर ब्रेक लगाया तो शराब माफियाओ ने सत्ता के सहारे उनका तबादला करा दिया।उसके बाद शराब माफियाओ ने तेजी से अवैध कारोबार शुरू कर दिया।

इस बीच नकली व जहरीली शराब के सेवन से मंडल में तीन दर्जन से अधिक शराबियों की मौत हो गयी।इन मौतों की जानकारी शासन तक पहुँची तो जिम्मेदारों से जबाब तलब होने लगा। उसके बाद एसपी आकाश तोमर कहर बन कर शराब के अवैध कारोबार व कारोबारियो पर टूट पड़े।उनके नेतृत्व में कई करोड़ की नकली शराब,शराब बनाने की फैक्ट्री,उपकरण बरामद हुआ।

इस कारोबार में लिप्त लोगो के विरुद्ध ताबड़तोड़ रिपोर्ट,दबिश शुरू हो गयी।एसपी के आक्रामक कार्यवाही से शराब माफियाओ की चूले हिल गयी।अब शराब माफियाओ ने लखनऊ में एक बैठक कर एसपी को हटवाने के साथ विवेचना लंवित रहने की रणनीति बनाई। इस कार्य की पैरवी पर आने वाले खर्च के लिए शराब माफियाओ ने एक मद बना कर धन संग्रह किया है।देखना है शराब माफिया अपने मकशद में कामयाब होते है या नही।