कर्नाटक चुनाव का हुआ शंखनाद

शेयर करें:

चुनावी सरगर्मियों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी दो जगह से लड़ रहे हैं चुनाव वहीं भाजपा ने भी अपने कद्दावर नेता बी श्रीरामुलू को चुनावी मैदान में उतारा है कर्नाटक विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां धुंधाधार चुनाव प्रचार में जुटी हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कल उत्तरी कर्नाटक पार्टी के लिए धूंधार प्रचार किया। अपनी यात्रा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने रोड शो भी किया।

राहुल आज कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणापत्र जारी करेंगे। उधर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी पार्टी के पक्ष में प्रचार के लिए बैंगलुरू पहुंचे । अमित शाह आज बेल्लारी, देवंगीर, चित्रदुर्ग, विजयपुरा और कोलार का दौरा करेंगे। अपने दौरे के दौरान अमित शाह चुनावी सभाओं को भी संबोधित करेंगे। साथ ही रोड भी करेंगे। इस अलावा वे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी करेंगे।

बदामी विधानसभा सीट इन दिनों सुर्खियों में है वजह है कांग्रेस के दिग्गज नेता सिद्धरमैया का यहां से उम्मीदवार बनना तो बीजेपी ने भी उन्हें टक्कर देने के लिए भी बी श्रीरामुलु को चुनावी मैदान में उतारा है मुकाबला इसलिए भी दिलचस्प हो जाता है कि दोनों ही प्रदेश के दिग्गज नेता है और किसी एक की जीत इतिहास बनाएगी। काफी उपापोह के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मैसूर की चामुंडेश्वरी के अलावा बागलकोट ज़िले की एक अन्य सीट से लड़ने का फैसला किया को बादामी विधान सभा सीट आचानक सुर्खियों में आ गई।

सिद्धारमैया के दो जगहों से लड़ने पर विपक्ष ने जब निशाना साधा तो पार्टी ने सफाई दी कि उत्तरी कर्नाटक में प्रभाव बढ़ाने के लिए ये कदम उठाया गया है। बादामी में सिद्धारमैया को घेरने के लिए भाजपा ने अपने कद्दावर नेता बी श्रीरामुलू को मैदान में उतार दिया। हालांकि श्रीमुलू चित्रदुर्ग ज़िले के मोलकलमुरू क्षेत्र पहले नामांकन कर चुके थे। भाजपा ने श्रीरामुलू को उतार के सिद्धारमैया को बादामी विधानसभा में ही घेरे रखने की चाल चली है। इस बीच जेडीएस भी सिद्धारमैया और श्रीरामुलू को कड़ी टक्कर देते हुए चुनावी संग्राम को त्रिकोणीय बना दिया है।

वैसे तो बिजली, पानी, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव ही इस बार भी चुनावी मुद्दा है लेकिन पर्यटन मुद्दा भी इस बार खूब उछल रहा है। दरअसल क्षेत्र में पर्यटन के विकास के लिए एक पर्यटन प्लाज़ा बनना था लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण ये परियोजना अबतक लंबित पड़ी है जिसकी यहां के लोगों को शिद्दत से इंतज़ार है।