कानपुर: UPPCL में घोटाला, बेचे जा रहे सरकारी बिजली उपकरण

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केन्द्र और राज्य सरकार गांव गांव में बिजली पहुंचाने की मुहिम में लगी हैं। सरकारें विद्युतीकरण करने के साथ ही इसका प्रचार भी जोरों पर कर रही हैं। लेकिन सरकारी योजानाओं का लाभ उपभोक्ताओं को मिलने के बजाय भ्रष्टाचारियों को मिल रहा है।

3 गोदामों में छापेमारी में करोडो का माल बरामद:
कानपुर में एसटीएफ ने छापेमारी कर बडे पैमाने पर सरकारी बिजली के उपकरण बेचे जाने के मामले का भंडाफोड किया है। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

तीन गोदामों में छापेमारी कर पुलिस ने करोडो का माल बरामद किया है। गिरफ्तार लोगों से पूछतांछ पर इस रैकेट में विभाग के तमाम अधिकारियों की मिली भगत की बात सामने आ रही है।

एसटीएफ मामले की जांच का दायरा बढाने की बात कर रही है। आपको बता दें कि इस समय देश भर विद्युतीकरण का काम तेजी से चल रहा है। जिसके चलते ज्यादा सामान की खरीददारी की जा रही है।

प्राइवेट लोग बेच रहे सरकारी उपकरण:
सरकारी योजना के तहत खरीदे गए उपकरणों को प्राइवेट लोगों को बेचा जा रहा है। सरकारी बिजली के सामान को गलत तरीके से बेच कर विभाग को करोडो का चूना लगाया जा रहा है। यूपी से बाहर भी यह सामान बेचा जा रहा है। स्टोर से फर्जी कागजातों पर सामान निर्गत कर ठेकेदारों औऱ दलालों को बेचा रहा है।

एसटीएफ को काफी समय से कानपुर मे इस तरह के कारोबार की जानकारी मिल रही थी। एसटीएफ की टीम ने पनकी इलाके में तीन गोदामों में छापेमारी तो तमाम ट्रान्स्फार्मर,तार,बिजली के कंडक्टर और दूसरा सामान बरामद हुआ। बरामद सामान की कीमत करोडों में बतायी जा रही है।

घोटाले में जेई स्तर के अधिकारियों की मिली भगत:
पुलिस ने इस सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ के मुताबिक इस घोटाले में स्टोर कीपर के अलावा जेई लेवल पर अधिकारियों की मिली भगत की बात सामने आ रही है।

एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि यह रैकेट पूरे प्रदेश में फैला है जिसे दिल्ली ऑपरेट किया जा रहा है। जल्द ही इस भ्रष्टाचार के खुलासे में सरकारी कर्मचारियों औऱ अधिकारियों की भी गिरफ्तारी होगी।