कमलनाथ सरकार की पूरी कोशिश है कि बजट से जनता को कोई परेशानियों का सामना ना करना पड़े: वित्त मंत्री तरुण भनोट

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भोपाल। सियासी उथल पुथल के बीच प्रदेश में विधानसभा बजट सत्र 16 मार्च से शुरू होने वाला है। 20 मार्च को वित्त मंत्री तरुण भनोट विधानसभा में बजट पेश करेंगे। लेकिन इसके पहले वित्त मंत्री तरुण भनोट ने बड़ा बयान दिया है। भनोट ने बजट में जनता को बडी राहत देने के कुछ संकेत दिए हैं। मंत्री का कहना है कि प्रदेश की आर्थिक चुनौतियों की विषय बजट जनता को राहत देने वाला होगा।

आज मीडिया से बात करते हुए मंत्री तरुण भनोट ने बताया कि इस बार प्रदेश की सरकार जनता पर किसी भी तरह का नया टैक्स नहीं लगाने वाली है। इस साल के बजट में जनता पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा। वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि हम पूरी कोशिश करेंगे कि इस बजट में सभी वर्गों का ख्याल रखा जाए। प्रदेश की आर्थिक चुनौतियों की विषय बजट जनता को राहत देने वाला होगा। वित्त मंत्री ने कहा है कि प्रदेश के 2020-21 का बजट जनता को राहत देने वाले बजट साबित होने वाला है। जहां जनता पर कोई भी अतिरिक्त बोझ नहीं दिया जाएगा। बजट में हम हर वर्ग के लिए कुछ अच्छा लेकर आएंगे।

वहीं वित्त मंत्री तरुण भनोट ने केंद्र सरकार पर जुबानी हमला बोलते हुए कहा कि हमारी जनता मोदी सरकार की नीतियों से बहुत परेशान है। ऐसे में कमलनाथ सरकार की पूरी कोशिश है कि बजट से जनता को कोई परेशानियों का सामना ना करना पड़े। मोदी सरकार के राज में हर चीजें महंगी हो गई है। बेरोजगारों की दरें बढ़ती जा रही है। प्रदेश आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है। वहीं भनोट ने बीजेपी से अपील की है कि वह प्रदेश का रुका हुआ पैसा जल्द से जल्द केंद्र सरकार से वापस देने की मांग करें।प्रदेश के बीजेपी नेताओं पर तंज कसते हुए भनोट ने कहा कि राज्यसभा में चाहे बीजेपी जितने भी उम्मीदवार उतार ले, कांग्रेस को किसी से डरने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस का हर एक विधायक कांग्रेस के पक्ष में ही वोटिंग करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि हम माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं जिससे बीजेपी नेता बौखलाए हुए हैं। वही चाइल्ड बजट पर अपनी बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि चाइल्ड बजट हमारे बच्चों के भविष्य के लिए इसलिए जितना बेहतर होगा, वह हम अपनी तरफ से करेंगे।

बता दे कि हर बार विधानसभा का बजट सत्र फरवरी के अंतिम सप्ताह में शुरू होकर मार्च तक समाप्त हो जाता है। लेकिन इस वर्ष सियासी हलचल और त्योहारों को देखते हुए बजट मार्च महीने में पेश किया जाएगा। इससे पहले 2006, 2007 और 2011 में बजट सत्र अप्रैल तक चला था।इससे पहले बजट सत्र को लेकर विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने कहा है कि होली के बाद बजट सत्र पर चर्चा होगी और प्रशासन इसपर अपना फैसला लेगी।