जस्टिस भंडारी को आईसीजे में मिला दूसरा कार्यकाल

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संयुक्त राष्ट्र में जबरदस्त समर्थन के चलते भारत को बड़ी कूटनीतिक जीत मिली है। सुरक्षा परिषद के पूर्ण सहयोग के साथ जस्टिस दलवीर भंडारी को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में न्यायाधीश के लिए दुसरा कार्यकाल मिला।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को एक बड़ी जीत मिली है। हेग की अंतर्राष्ट्रीय अदालत में भारतीय जज दलवीर भंडारी ने जीत हासिल की है। भंडारी दूसरी बार अतंराष्ट्रीय अदालत के जज बने हैं.जस्टिस दलवीर भंडारी को संयुक्त राष्ट्र महासभा में 183 मत मिले जबकि सुरक्षा परिषद में जस्टिस भंडारी को 15 मत मिले. भंडारी का मुकाबला ब्रिटेन के उम्मीदवार क्रिस्टोफर ग्रीनवुड से था.

भारत की ये जीत बेहद खास है क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय अदालत के पांचवे जज का मुकाबला बेहद दिलचस्प था। चुनाव प्रक्रिया में 11वें मुकाबले तक जस्टिस दलबीर भंडारी महासभा में तो आगे थे मगर सुरक्षा परिषद में उनके पास ग्रीनवुड से कम वोट थे. लेकिन 12वें दौर में हार सामने देखते हुए ब्रिटेन के उम्मीदवार ग्रीनवुड खुद ही मैदान से हट गए.

अंतर्राष्ट्रीय अदालत में जज बनने के लिए सिक्योरिटी काउंसिल और जनरल एसेंबली दोनों में जीत दर्ज करना बेहद जरूरी है। साल 1945 में स्थापित आईसीजे में ऐसा पहली बार हुआ जब इसमें कोई ब्रिटिश न्यायाधीश नहीं होगा. आईसीजे की 15 सदस्यीय पीठ का एक तिहाई हिस्सा नौ साल की अवधि के लिए हर तीन साल में चुना जाता है।