जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी

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जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को कल बड़ी कामयाबी मिली। कश्मीर के बडगाम और बारामूला जिलों में कल सुरक्षाबलों के साथ दो अलग-अलग मुठभेड़ों में पांच आतंकवादी मारे गए। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी बैद्या के अनुसार साल 2017 में सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में अबतक 200 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए है जो जम्मू-कश्मीर में शांतिबहाली की दिशा में हमारी कामयाबी को दर्शातें है।

जम्मू-कश्मीर में गुरुवार को सुरक्षाबलों ने ‘दोहरे ऑपरेशन’ में 5 आतंकियों को मार गिराया। बड़गाम में 4 और सोपोर में 1 आतंकवादी मारा गया। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में इस साल मारे जाने वाले आतंकियों की संख्या 200 के पार हो गई है।

गुरूवार सुबह बडगाम जिलें के पाखेरपोरा इलाके में फुटलीपोरा में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षा बलों ने घेराव किया और खोज अभियान चलाया। जवाब में आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की। जवाबी कार्रवाई के बाद दोनों पक्षों में मुठभेड़ शुरू हो गयी।

मुठभेड़ में 4 आतंकवादी मारे गए। इसमें एक स्थानीय आतंकि की पहचान शब्बीर के रूप में जबकि दो सीमापार से आए आतंकियों के रूप में हुई है। सुरक्षाबल का एक जवान भी घायल हुआ है। कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने एक एके-47 राईफल और एक जला हुआ हथियार बरामद किया है जो एम-4 राईफल हो सकती है। इस दौरान प्रशासन ने बडगाम में इंटरनेट सेवाओं को सस्पेंड कर दिया है।

एक अन्य मुठभेड़ बारामूला के सोपोर इलाके में बोमई में हुई जहां सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को ढेर कर दिया। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में आतंकी गतिविधियों के बढ़ने को लेकर सुरक्षाबल पहले से सतर्क हैं। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने लगातार आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी बैद्या के अनुसार 2017 में सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में अबतक 200 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए है जो जम्मू-कश्मीर में शांतिबहाली की दिशा में हमारी कामयाबी को दर्शातें है। इधर जम्मू-कश्मीर में अमन और खुशहाली लाने की केन्द्र की कोशिशों के कारण केन्द्र के प्रतिनिधि दिनेश्वर शर्मा अपने दौरों के दौरान वहां समाज के विभिन्न वर्गों से मुलाकात कर रहे है और उन्ही के सुझाव अब रंग भी लाने लगे हैं।

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राज्य में 4,327 पत्थरबाजों पर लगाए गए मुकदमों को वापस लेने के आदेश दिए हैं। सीएम महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मुकदमों को वापस लेने से घाटी के युवाओं को उनके भविष्य के निर्माण के लिए एक नया मौका मिल सकेगा। एक तरफ सुरक्षाबल आतंकियों की कमर तोड़ रहे है तो वही केन्द्र सरकार की कोशिश जम्मू-कश्मीर की आवाम के जख्मों पर मरहम लगा रही है। जिससे वहां भी विकास की बहार आ सकें।