रेलवे की मनमानी से त्रस्त हैं जबलपुर के यात्री

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जबलपुर रेलवे रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए यूं तो बड़े-बड़े दावे करता फिरता रहता है लेकिन वह  ये जब ट्रेनें प्लेटफार्म पर आती हैं तो इस समय पर अपने यात्रियों को य नहीं बता पाता कि किस प्लेटफार्म पर कौन सी गाड़ी कब आ रही है जब ऐन मौके पर  प्लेटफार्म बदलने की सूचना अनाउंस करता है जिससे यात्री परेशान हो जाते हैं पहले दूसरे प्लेटफार्म पर बताता है बाद में दूसरे प्लेटफार्म पर बताता है तब तक गाड़ी आ चुकी होती है और यात्री समय पर पहुंच नहीं पाते हैं खासकर सीनियर सिटीजन को बहुत दिक्कत उठानी पड़ती है और जिनके पास सामान बहुत अधिक होता है उनको बहुत दिक्कत उठानी पड़ती है ऐसी हालत में यात्री अपनी भड़ास निकाल कर रह जाते हैं. लेकिन कोई उनकी सुनने वाला नहीं होता है और रेलवे अपनी मनमानी पर तुला रहता है. कहने को तो अपने को आप बहुत हाईटेक बताता है लेकिन ऐसी स्थितियों में उसकी हाईटेक सुविधा किस काम की.

ऐसे ही आज 6 सितंबर को गाड़ी संख्या 22967 अहमदाबाद इलाहाबाद के जबलपुर प्लेटफार्म पर आने पर देखने को मिला. यूं तो रेलवे पहले डिस्प्ले में प्लेटफार्म नंबर 5 डिस्पले कर रहा था जब सारे यात्री प्लेटफार्म नंबर पांच पर पहुंच गए तो उसी समय प्लेटफार्म नंबर पांच पर दयोदय एक्सप्रेस आ गई और फिर अनाउंस करता है रेलवे की अमदाबाद इलाहाबाद प्लेटफार्म नंबर पांच पर आएगी तब तक भगदड़ मच गई और सारे यात्री एक नंबर की तरफ भाग रहे थे और उनके प्लेटफार्म पर एक पर पहुंचते ही उधर से अहमदाबाद इलाहाबाद एक्सप्रेस गाड़ी आ गई थी प्लेटफार्म पर.

ऐसी स्थिति में सारे यात्री रेलवे को जमकर कोस रहे थे लेकिन कोसने से क्या निकला वह अपनी भड़ास निकाले और अपने ट्रेन में बैठे जो नहीं बैठ पाए तो दौड़कर हफ्ते हफ्ते भागते वक्त पहुंचे लेकिन रेलवे ने तो अपने कान में जैसे रुई ठूंस के बैठ गया है और कर्मचारी कुर्सी से बैठे-बैठे अनाउंस कर देता है.

यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए सूचना खिड़की पर भी जब जाकर पूछा गया कि वह कौन से प्लेटफार्म पर आएगी तो वह भी कहते हैं कि मेरे पास प्लेटफॉर्म को लेकर अभी कोई सूचना नहीं है. तो ऐसी है राम भरोसे जबलपुर की रेलवे व्यवस्था.