सुअर पालकों के विरूद्ध निषेधाज्ञा आदेश जारी

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पन्ना @ मुख्य नगरपालिका अधिकारी पन्ना ने कलेक्टर न्यायालय में प्रतिवेदित किया है कि नगरीय क्षेत्र पन्ना में कतिपय लोगों द्वारा सुअर पालने का कार्य किया जाता है। इन सुअरों को आवारा रूप में छोड दिया जाता है जिसके कारण आवारा सुअरों द्वारा वार्डो में जगह-जगह गंदगी फैलाई जाती है एवं यातायात अवरूद्ध किया जाता है। गंदगी के कारण शहर में स्वाईन फ्लू की संभावना से इंकार नही किया जा सकता साथ ही आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। इसकी रोकथाम हेतु वर्तमान में नगरपालिका परिषद पन्ना द्वारा इन्हें पकड़वाकर पशु घर में बंद किया जाता है। कार्यवाही के दौरान सुअर पालकों द्वारा बाधा उत्पन्न की जाती है एवं सुअर पालकों द्वारा टीम के सदस्यों के साथ गाली-गलौज की जाकर कार्य में व्यवधान पैदा किया जाता है।

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी मनोज खत्री ने नगरपालिका अधिकारी नगरपालिका परिषद पन्ना के प्रतिवेदन के आधार पर दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (1) (2) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। जिसमें सुअर पालक,पालकों द्वारा सुअरों को खुले में सड़कों पर नही छोडा जाए। नगरपालिका सीमा के अन्तर्गत सुअर पालकों द्वारा सुअरों को सडकों,बाजारों,वार्डो,सार्वजनिक खुले स्थानों पर विचरण करने न दिया जाए। उन्मुक्त विचरण करने वाले सुअरों को पकडवाने व नियमानुसार निस्तारण करने संबंधी नगरपालिका की कार्यवाही में कोई व्यक्ति,व्यक्तियों का समूह हस्ताक्षेप नही करेगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति,संस्था,आयोजक के विरूद्ध भादवि की धारा 188 के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश जारी होने की तिथि से एक माह तक प्रभावशील रहेगा।