12 दिसम्बर से मातृ और शिशु स्वास्थ्य पर होगा अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन

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दो दिन के इस सम्मेलन में भारत ने जो स्वास्थ्य के क्षेत्र में कदम उठाए है और सरकार की जो प्रतिबद्धता है उसे दिखाएगा। इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे देशों से टॉप 12 सक्सेस स्टोरी को शामिल किया गया है। भारत से मिशन इंद्रधनुष को शामिल किया गया है

12 दिसम्बर से दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ, राजनेता और मंत्री दो दिन तक मातृ और नवजात शिशु के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दो पर चर्चा करेंगे। मातृ और शिशु स्वास्थ्य पर आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन का मेजबानी भारत कर रहा है। राजधानी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में 85 देशों के 1200 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 दिसम्बर को इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंप्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी के कोशिशो का ही नतीजा है कि आज अंतर्राष्ट्रीय जगत में भारत की साख बढ़ी है। हाल के वर्षो में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय मानचित पर ना केवल भारत की साख बढी है बल्कि भारत को विशेष दृष्टि से भी देखा जा रहा है।

यही वजह है कि आगामी 12 दिसम्बर से मातृ और शिशु स्वास्थ्य पर अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी भारत करने जा रहा है। विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले दो दिन के इस सम्मेलन में 85 देशों के 1200 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे है। इसमें 28 देशों के मंत्री शिरकत करेंगे। सम्मेलन में पच्चीस फीसद युवाओं की भागीदारी रहेगी। सम्मेलन का उद्धाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। इस मौके पर प्रधानमंत्री एक कॉफी टेबल बुक भी जारी करेंगे।

दस दिसम्बर को हैबिटेट सेंटर में इंडिया डे मनाया जाएगा। इसमें सरकार की सभी महत्वकांक्षी योजनाओं को दिखाया जाएगा। एक मार्केट प्लेस भी बनाया जाएगा जिसमें थीम बेस पवेलियन होगा। इसमें स्वास्थ्य संबंधी 24 बेस्ट प्रैक्टिस और इनोवेशन को दिखाया जाएगा। 11 दिसम्बर को पार्लियामेंट्री कन्कलेव और 12 दिसम्बर को मंत्रीस्तरीय कन्कलेव होगा।

भारत ने मातृ शिशु स्वास्थ्य को लेकर टीकाकरण का सघन अभियान चलाया है जिसका नतीजा है कि मातृमृत्यु दर 1999 के 556 प्रति लाख के मुकाबले अब 136 हो गयी है और वही दूसरी ओर शिशु मृत्यु दर 1990 के 126 प्रति हजार के मुकाबले अब 39 हो गयी है।

भारत जल्द ही सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल कर लेगा। इसके लिए सभी जरुरी कदम उठाए जा रहे है। भारत के लिए ये गर्व की बात है कि भारत ने जो काम किया है उसे दुनिया भर में सराहा जा रहा है। चाहे वो वर्ल्ड हेल्थ एसेम्बली हो या फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन सबने भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में उठाए गए कदमों की तारीफ की है। इस सम्मेलन में सभी देश एक दूसरे के अनुभवों का लाभ उठाएंगे।