अंतर्राष्ट्रीय कॉफी दिवस (1 अक्‍टूबर ) – संतुलित मात्रा में कॉफ़ी के सेवन से न सिर्फ हृदय स्वस्थ रहता है बल्कि कई रोगों के लिए औषधि के रुप में भी काम आती है – योग गुरु महेश अग्रवाल

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आदर्श योग आध्यात्मिक केंद्र स्वर्ण जयंती पार्क कोलार रोड़ भोपाल के संचालक योग गुरु महेश अग्रवाल ने बताया कि आज की जेनरेशन कॉफ़ी पीना ज्यादा पसंद करती है, लेकिन कॉफ़ी पीने के पहले एक बात का ध्यान रखना होगा कि कॉफ़ी पीने के फायदे जितने हैं उतने ही नुकसान भी हैं। संतुलित मात्रा में कॉफ़ी के सेवन से न सिर्फ हृदय स्वस्थ रहता है बल्कि कई रोगों के लिए औषधि के रुप में भी काम आती है।

हर साल 1 अक्‍टूबर को अंतर्राष्ट्रीय कॉफी दिवस मनाया जाता है। कुछ देशों में अलग -अलग तारीख को कॉफी दिवस मनाते हैं।  इस दिवस को इसलिए मनाया जाता है ताकि कॉफी की खेती करने वाले किसानों को समर्थन मिलता रहे। देश-दुनिया में कॉफी के निष्‍पक्ष कारोबार को बढ़ावा मिले। कॉफी की उगाई करने में आ रही परेशानी को सामने लाकर समस्‍या का समाधान करना।

योग गुरु अग्रवाल ने बताया कि कॉफ़ी कड़वी और गर्म तासीर की होती है। कॉफ़ी कफ और वात को कम करने वाली; हृदय को स्वस्थ रखने वाली, दुर्गन्धनाशक और स्फूर्ति के साथ-साथ मस्तिष्क को ऊर्जा प्रदान करने वाला होती है। इसके सेवन से नींद और खुमारी भी कम होती है। यह  पाइल्स, दस्त, सिरदर्द, संधिवात, आमवात, निद्रा तथा शारीरिक जड़ता नाशक होती है।

कॉफ़ी को अल्प मात्रा में सेवन करने से सांस संबंधी समस्या में लाभ मिलता है। कॉफ़ी में उपस्थित रस कैफीन के कारण यह मूत्र संबंधी बीमारी, मस्तिष्क तथा हृदय को उत्तेजित करने में मदद करती है। कॉफ़ी के रस का प्रयोग हृदय संबंधी बीमारी तथा किडनी के सूजन को कम करने में भी सहायता करती है। इसका मस्तिष्क को उत्तेजित करने वाली या केंद्रीय नाड़ी संस्थान पर उत्तेजक प्रभाव होने के कारण सेवन के बाद व्यक्ति अपने को प्रसन्न महसूस करता है। कॉफ़ी का संतुलित मात्रा में  सेवन करने से थकान तथा तंद्रा दूर होती है।

कॉफी पीने के फायदे जैसे है वैसे ही अंसतुलित मात्रा में कॉफी पीने के बहुत सारे साइड इफेक्ट्स भी होते हैं। बच्चों के लिए कैफीन की अधिक मात्रा का सेवन प्राण-घातक साबित हो सकती है। इसके अलावा गर्भावस्था में इसके प्रयोग से बचना चाहिये। इसका प्रयोग स्तनपान कराने वाली महिलाओं को नहीं करना चाहिए और यदि कोई करता है तो कैफीन के प्रभाव से अनिद्रा की बीमारी हो सकती है। प्रतिदिन 5 कप कॉफी (500 मिग्रा कैफीन) का प्रयोग सुरक्षित होता है।

मानसिक, किडनी और थायराइड ग्रंथियों के रोगियों को कॉफी का प्रयोग सावधानीपूर्वक करना चाहिए। इसका लंबे समय तक अत्यधिक मात्रा में सेवन करने पर दस्त, सिरदर्द, अरुचि, हृदय में बेचैनी,अनिद्रा, उल्टी एवं आमाशय की समस्या हो सकती हैं। इसके बीजों में कैफीन नामक तत्व पाया जाता है। अतः इसका प्रयोग कम मात्रा में करना चाहिए। अगर स्वस्थ होना व हमेशा स्वस्थ रहना चाहते हैं तो शरीर तथा मन को तोड़ने वाले नियम बन्द करें तथा जोड़ने वाले नियम अपनायें।

शरीर तथा मन को तोड़ने वाले नियम – चाय तथा काफी, नमक, शक्कर, गुटका, सिगरेट, शराब, मॉस, मछली, अण्डे, अधिक घी, तेल, अशुभ चिन्तन । शरीर तथा मन को बनाने वाले नियम – सूर्य प्रकाश, शुद्ध हवा, शुद्ध जल, प्राकृतिक भोजन, उपवास, व्यायाम- विश्राम, निद्रा, शुभ चिन्तन,प्रार्थना