12वीं बोर्ड परीक्षा : वैज्ञानिक तरीके से होगा आंतरिक मूल्यांकन, सीएम शिवराज ने किया खुलासा

शेयर करें:

मध्यप्रदेश में 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए वैज्ञानिक तरीके से आंतरिक मूल्यांकन होगा और जो छात्र परीक्षा देना चाहेंगे, बाद में दे सकेंगे. वहीं, उच्च शिक्षा विभाग और तकनीकी शिक्षा की परीक्षाएं गत वर्ष के अनुसार ही होंगी. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों और मंत्रियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश की 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं नहीं होंगी, लेकिन जो विद्यार्थी चाहेंगे, बाद में परीक्षा दे सकेंगे. आंतरिक मूल्यांकन का काम वैज्ञानिक पद्धति से होगा तथा मंत्रियों का समूह विषय विशेषज्ञों से चर्चा कर इसकी प्रक्रिया के संबंध में निर्णय लेगा.

उच्च शिक्षा की परीक्षाएं गत वर्ष अनुसार ओपन बुक पद्धति से होंगी. निर्धारित तिथि व समय पर विद्यार्थी को ऑनलाइन प्रश्नपत्र प्राप्त होगा, जिसका उत्तर वह घर बैठे ही उत्तर पुस्तिका में लिखकर नजदीकी संग्रहण केंद्र में जमा करा देगा. जिन विद्यार्थियों के घर पर इंटरनेट सुविधा नहीं होगी, उन्हें नजदीकी शिक्षा संस्थान में परीक्षा देने की सुविधा दी जाएगी.

बताया गया है कि स्नातक तृतीय वर्ष एवं स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा जून 2021 में होंगी तथा परिणाम जुलाई 2021 में आएगा. इसी प्रकार स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं जुलाई 2021 में होंगी तथा परिणाम अगस्त 2021 तक आएगा. तकनीकी शिक्षा विभाग की सभी परीक्षाएं ऑनलाइन होंगी तथा ओपन बुक पद्धति पर आधारित होंगी. परीक्षार्थी ऑनलाइन ही उत्तर लिखेंगे.

मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सोमवार को सीबीएसई की 12वीं बोर्ड की परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया था. इसके बाद कई राज्य सरकारों की तरफ से भी अपने-अपने यहां परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया गया. परीक्षा रद्द होने के बाद पीएम मोदी ने कहा था, 12वीं की परीक्षा रद्द करने का फैसला छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है.

कोविड-19 ने शैक्षणिक कैलेंडर को बुरी तरह प्रभावित किया है. बोर्ड परीक्षाओं के मुद्दे की वजह से छात्र, पेरेंट्स और टीचरों को काफी तनाव का सामना करना पड़ा है जिसका खत्म होना जरूरी है. ‘प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक मोदी ने कहा, ‘छात्रों का स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और इससे किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता है.’