एटीएम मशीन में पेचकस फंसा कर रुपये चोरी करने वाला अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार

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एनसीआर कम्पनी की एटीएम मशीन में पेचकस एवं चिमटी फसाना आसान होता है इसलिये पिछले लगभग 3 वर्ष से एनसीआर कम्पनी के एटीएम को करते थे टारगेट

जबलपुर। थाना संजीवनीनगर में 2 जून की रात लगभग 11-30 बजे महेन्द्र बाथरे उम्र 38 वर्ष निवासी कालीमठ के पास आमनपुर ने लिखित शिकायत की कि वह फाईनेंसियल साफ्टवेयर एंव सिस्टम्स प्रा. लि. में बिजनेस चैम्पियन के पद पर जबलपुर मे कार्यरत है दिंनाक 1जून की सुवह वह एवं उसका दोस्त विजय साहू गुलौआ तालाब के पास टहल रहे थे सुबह 6-55 से 7-15 बजे के बीच उसके मोबाइल पर एटीएम मेक एनसीआर के एटीएम फाल्ट होने के लगातार मैसेज आने लगे तो उसे संदेह हुआ कि उक्त एटीएम पर कुछ गड़बड़ हो रहा है तब वह एवं विजय साहू गुलौआ चैक के पास पटैल हार्डवेयर के बाजू में एसबीआई के एटीएम में लाबी के अंदर गये तो देखे कि एक व्यक्ति पेंचकस और एक चिमटी जैसा औजार डालकर रूपये निकालते दिखा, उसे देखकर वह व्यक्ति भागने को हुआ जिससे नाम पूछा तो अपना नाम विजय यादव बताया और तेजी से बाहर निकलकर भागा वह उसके पीछे बाहर निकला तो वह व्यक्ति तेजी से भागने लगा तथा एक वर्ना गाड़ी जो रोड पर खडी थी जिस पर 2 व्यक्ति बैठे थे वो भी हमें देखकर वर्ना गाड़ी स्टार्ट कर भाग गये तथा जो एटीएम में व्यक्ति था वह भी पैदल पैदल भागा है, जिसकी सूचना तत्काल थाना संजीवनी नगर में देते हुये उसने अपने मैनेजर अजीत कुमार दुबे को सूचना दी मानीटरिंग टीम से आनलाईन फुटेज मंगवाया इसके बाद उसने तथा मैनेजर ने अपने एटीएम मे केश लोडिंग एजेन्सी के दीपक रावत एवं आडिटर अंकुर भारद्वाज को बुलवाकर एटीएम मशीन चैक करवाया तो जिसमे 77 हजार रूपये कम होना पाये गये जो 1 जून की सुवह 6-55 बजे से 7-15 बजे मेे कुल 9 आहरण हुये जिसमें 77 हजार रूपये निकाले गये है, इसके बाद हमारे क्षेत्राधिकार के समस्त एटीएम चैक कराये गये जिसमें गढ़ा बजार स्थित एटीएम मे भी 10 हजार रूपये कम होना पाया गया है। एटीएम को क्षतिग्रस्त कर एटीएम से रूपये निकालकर चोरी किये गये है। शिकायत पर अपराध क्रमांक 236/21 धारा 379, 382, 452, 427 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

पुलिस द्वारा गठित टीमों के द्वारा तत्काल घेराबंदी करते हुये महेन्द्र बाथरे के बताये हुलिये के युवक को घेराबंदी कर पकड़ा गया जिसने पूछताछ पर अपना नाम विजय यादव उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम सरसी पोस्ट देवसढ़ थाना धारमपुर जिला कानपुर उ.प्र. बताया जिसने सघन पूछताछ पर बताया कि वह इंट्रीग्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ से बीटेक की पढ़ाई कर रहा है।

लखनऊ से एटीएम चैेक करते हुए आरोपी इस तरह आगे बढे
30 मई को इंट्रीग्रल यूनिवर्सिटी के हास्टल में दोस्त अजीत सिंह एवं गगन कटियार के साथ मिलकर योजाना बनाई कि पैसे की कमी पड़ रही है एटीएम वाला काम करना है और इस बार मध्यप्रदेश में काम करेंगे, योजना के तहत् 30 मई को दोपहर में लखनऊ से गगन की वर्ना कार में हम लोग बनारस होते हुए रीवा पहुँचे वहाँ पर 4-5 एसबीआई के एटीम चैक किए परंतु हमको एनसीआर कंपनी का एटीएम नही मिला फिर आगे बढ़ गए, रात लगभग 2-3 बजे कटनी से आगे एक ढ़ाबा में रूककर खाना खाये और वही गाड़ी में तीनो सो गए इसके बाद 31 मई को सुबह तीनो हाईवे होते हुए कटनी पहुंचे।

कटनी सिटी में अंदर गये और वहाँ पहले 4-5 एटीएम चेक किये जो एनसीआर कम्पनी के एटीएम न होने से और दूसरे एटीएम चेक किये तब दो जगह एनसीआर कम्पनी के एटीएम मिले कटनी में एक एटीएम से अजीत सिंह ने राजकुमार के कार्ड से ट्रांजक्शन के दौरान एटीएम से पेचकस एवं चिमटी फसाकर 20 हजार रुपये निकाल कर चोरी किये और इसके बाद दूसरे एटीएम पर उसने अजीत सिंह की पत्नि वैभवी सिंह नाम के कार्ड से ट्रांजक्शन के दौरान एटीएम से पेचकस एवं चिमटी फसाकर 19 हजार रुपये चोरी किये। फिर हम लोग कटनी से दोपहर में रवाना होकर जबलपुर दोपहर लगभग 3 बजे पहुंचे एवं जबलपुर के तिलवारा स्थित सुकून होटल में रुके रहे एवं रात में वही सोये फिर १ जून की सुबह करीब 6 बजे के आसपास हम तीनो वर्ना कार क्र. यूपी 32 एसएफ 4275 निकले ओैर रास्ते के एटीएम चैेक करते हुए आगे बढे तो अंदर सिटी में एक एनसीआर का एटीएम मिला, उक्त एटीएम से ट्रांजक्शन के दौरान पेचकस एवं चिमटी फसाकर उसने 10 हजार रुपये चोरी किये उसके बाद लगभग आधा कि.मी. आगे आये तब एक चैराहे से थोड़ा आगे दूसरा एनसीआर कम्पनी का एसबीआई का एटीएम मिला जहाँ से उसने राजकुमार नाम के कार्ड से एटीएम से ट्रांजक्शन के दौरान पेचकस एवं चिमटी फसाकर 30 हजार रुपये चोरी किये।

आरोपी विजय यादव को विधिवत गिरफ्तार कर पुलिस रिमाण्ड पर लेकर पुनः सघन पूछताछ की गई एवं कब्जे से अलग-अलग व्यक्तियो के तीन एटीएम कार्ड जप्त किए गए इसके बाद अन्य दो आरोपी की तलाश हेतु टीम रवाना की गयी। टीम द्वारा आरोपी पतासाजी करते हुये आरोपी गगन कटियार पिता जानेन्द्र कुमार सिंह 23 साल निवासी सर्वोदय नगर 9 नंवर क्रासिंग कानपुर उत्तरप्रदेश को कानपुर से एवं अजीत कुमार पिता मुरलीधर सिंह 40 साल निवासी म.नं. सी-12 डाक्टर्स कालोनी पाण्डेपुर वाराणसी उत्तरप्रदेश को मिर्जापुर से अभिरक्षा में लेकर विधिवत प्रकरण में गिरफ्तारी की गई है। प्रकरण में अभी तक आरोपियो के कब्जे से एक वर्ना कार क्र. यूपी 32 एसएफ 4275 ए तथा नगद 65 हजार रूपये 2 मोबाईल, तथा 3 एटीएम कार्ड, 1 पेंचकस एवं स्टील की साबड़ (स्टील की पतली चिमटी) जप्त किये गये है।

आरोपियेां ने स्वीकारा वारदात का तरीका –
पूछताछ पर तीनों आरोपियेां ने स्वीकार किया कि एनसीआर कम्पनी की एटीएम मशीन में पेचकस एवं चिमटी फसाना आसान होता है इसलिये पिछले लगभग 3 वर्ष से एनसीआर कम्पनी की एटीएम को चिन्हित कर एटीएम में कार्ड फंसा कर ट्रांजिक्सन के दौरान रुपये विड्राल होने के पहले जहाँ से पैसा निकलता है वहाँ पर पेंचकस एवं स्टील की साबड़ (स्टील की पतली चिमटी) फंसा देते है, जिस कारण ट्रांजक्शन की लिंक टूट जाती है, जिससे एकाउंट से तो पैसे कट जाते है लेकिन एटीएम से रूपए निकलना शो नही होता है, रुपये चिमटी और पेचकश की सहायता से एटीएम से बाहर खींच लेते है, और बैंक एकाउंट से कटे हुए पैसे के लिए बैंक को कस्टमर केयर के माध्यम से क्लेम कर उक्त पैसा एकाउंट में रिफंड करा लेते हये जिससे एकाउंट का मेन बैलेंस ज्यो का त्यों रहता है। घटना कारित करने के लिए एक एटीएम का प्रयोग 2-3 बार करते हैं इसके बाद एटीएम बदल लेते हैं। इस हेतु अपने आसपास रहने वाले दोस्त, रिश्तेदार एवं गरीब मजदूरो को 500-1000 रूपए देकर उनका एटीएम ले लेते है और घटना को अंजाम देते है।

पहली बार पकड़े गए आरोपियों ने अभी तक की पूछताछ पर अलग-अलग राज्य दिल्ली, गुजरात, हरियाणा ,महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, उत्तराखण्ड, उत्तरप्रदेश, पं.बंगाल एवं मध्यप्रदेश में घटना कारित करना स्वीकार किया है, सम्बंधित राज्यों को उपरोक्त आरोपियों के पकडे जाने के सम्बंध में सूचित किया जा रहा है।

विवेचना के दौरान आरोपियों से जप्त एटीएम एवं बैंक अकाउण्ट की जानकारी प्राप्त की गयी तो विजय यादव के तीन अलग-अलग अकाउंट से 2018 से क्रमशः एक अकाउंट से लगभग 33 लाख, दूसरे से लगभग 12 लाख एवं तीसरे अकाउंट से लगभग 96 हजार रूपए कुल लगभग 45 लाख 96 हजार रुपये का लेनदेन होना पाया गया।

उल्लेखनीय भूमिका – आरोपियो की गिरफ्तारी एवं विवेचना में थाना प्रभारी संजीवनी नगर भूमेश्वरी चैहान, उप निरीक्षक सचिन वर्मा, सत्यनारायण कुशवाहा, कार्यवाहक उनि विनोद दुबे, सउनि राजेन्द्र जोशी , दानी सिंह नर्ते, आरक्षक छत्रपाल निषाद , राजेश मिश्रा एवं क्राइम ब्रांच के सहायक उप निरीक्षक प्रमोद पाण्डे, प्रधान आरक्षक रामगोपाल विश्वकर्मा, आरक्षक राममिलन चक्रवर्ती, अजय सोनकर, तथा साइवर सेल के आरक्षक आदित्य कुमार की सराहनीय भूमिका रही।