बाल देखभाल संस्थानों के लिए केंद्र ने दिए राज्यों को निर्देश

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झारखंड में मिशनरी ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित बाल गृहों द्वारा अवैध तरीके से गोद लेने के मामलों के बाद केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया है कि बाल देखभाल संस्थान पंजीकृत हो।

झारखंड में मिशनरी ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित बाल गृहों द्वारा अवैध तरीके से गोद लेने के मामलों के बाद केंद्र सरकार ने राज्यों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि बाल देखभाल संस्थान पंजीकृत हो और एक महीने के भीतर केंद्रीय गोद संसाधन प्राधिकरण से जुड़े. केन्द्रीय महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने सभी राज्यों से मदर टैरेसा मिशनरियों द्वारा चलाये जा रहे बाल देखभाल गृह के तुरंत निरीक्षण के लिए कहा है।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में मेनका गांधी ने राज्यों से एक महीने के भीतर यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि सभी बाल देखभाल संस्थान पंजीकृत हों और केन्द्रीयदत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण – कारा (CARA) से जुड़े हुए हो। झारखंड में मिशनरियों द्वारा संचालित बाल देखभाल गृह से अवैध दत्तक ग्रहण करने की हाल की एक घटना के बाद ये कदमउठाया गया है।

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किशोर न्याय (बाल देखभाल एवं सुरक्षा) अधिनियम 2015 के तहत चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन में पंजीकरण और CARA से जोड़े जाने की अनिवार्यता है ।

  • मदरटैरेसा मिशनरियों द्वारा संचालित बाल देखभाल गृह के तुरंत निरीक्षण के आदेश
  • बाल देखभाल गृह एक महीने के भीतर केंद्रीय गोद संसाधन प्राधिकरण से जुड़े
  • सभी बाल देखभाल संस्थान पंजीकृत हों और केन्द्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण से जुड़े
  • किशोर न्याय (बाल देखभाल एवं सुरक्षा) अधिनियम 2015 के तहत चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन में पंजीकरण व CARA से जोड़े जाने की अनिवार्यता है