सिंचाई और पेयजल के मुकम्मल इंतजाम के निर्देश

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इन्दौर @ कलेक्टर निशांत वरवड़े की अध्यक्षता में आज कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुये कलेक्टर वरवड़े ने कहा कि जिले में अधिकांश तालाब भर गये हैं। इस जल का सिंचाई, पेयजल और पशुओं के लिये उपयोग करना जरूरी है। जल संसाधन विभाग तालाबों के जल का सदुपयोग करे। इस काम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और राजस्व विभाग का भी सहयोग लिया जाये। तालाब से ही नगरीय निकाय में भी पेयजल का उपयोग किया जा रहा है।

इस अवसर पर कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग एस.सी.अग्रवाल ने बताया कि इंदौर जिले में जल संरक्षण की 85 संरचनाएं निर्मित हैं। इसमें 57 लघु तालाब योजनाएं, 6 उद्वहन सिंचाई योजनाएं, एक मध्यम सिंचाई योजना और 21 स्टापडैम शामिल हैं। इससे जिले में 12 हजार 673 हेक्टेयर जमीन में सिंचाई होती है। ग्राम हासलपुर, बरगोन,चायडीपुरा, दातोदा, कोटियाझरी, हरसोला, नाहरखेडी, भाटखेडी, कालीकराय,खेडी सीहोद, रामपुरिया बुजुर्ग, बसीपीपरी, तिल्लौरखुर्द, बुरानाखेड़ी, पिवड़ाय, जनकपुरा, हातोद, गंगानाला, घढी, गंगानाला, घोड़ाखुर्द, भाला तलाई, बड़गोंदा, नाहरखेड़ा, डोंगरगांव, लालगढ़ के तालाब 80 प्रतिशत से अधिक भर गये हैं। 25 प्रतिशत तालाब शत-प्रतिशत भर गये हैं। नगर पंचायत मानपुर को नाहरखेडी तालाब से पेयजल के लिये पानी मुहैया कराया जाता है। इस तालाब में एक लाख 7 हजार 405 घनमीटर पानी है। इसी प्रकार चोरल नदी परियोजना से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा नल-जल योजनाएं चलायी जाती हैं, जिससे महू तहसील के 51 ग्रामों को जल प्रदाय किया जाता है।

बैठक में अपर कलेक्टर अजयदेव शर्मा, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंजुसिंह, जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी और उप यंत्री तथा नगर पंचायतों को मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा जिला जल उपभोक्ता समितियों के अध्यक्ष मौजूद थे।