आने वाले दिनों में भारत वैश्विक मोबिलिटी क्षेत्र में अहम योगदान देगा

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पहले विश्व मोबिलिटी शिखर सम्मेलन में शुक्रवार को केन्द्रीय मंत्रियों ने देश-विदेश से आए निजी और सामाजिक क्षेत्रों के सीईओ और प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और भविष्य में भारतीय ट्रांसपोर्ट की रूप रेखा पर चर्चा की। इस अवसर पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि आने वाले दिनों में भारत वैश्विक मोबिलिटी क्षेत्र में अहम योगदान देगा।

पहले विश्व मोबिलिटी शिखर सम्मेलन में कल कई केन्द्रीय मंत्रियों ने देश-विदेश से आए निजी और सामाजिक क्षेत्रों के सीईओ और प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और भविष्य में भारतीय ट्रांसपोर्ट की रूप रेखा पर चर्चा की। अर्थव्यवस्था में ट्रांसपोर्ट सेक्टर के महत्व को रेखांकित करते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन, विद्युतीकरण और वैकल्पिक ईंधन, सार्वजनिक परिवहन, माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स और डाटा विश्लेषण के साथ तकनीक और इन्नोवेशन की भूमिका पर चर्चा की गई।

सम्‍मेलन में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए लोगों की मानसिकता में परिवर्तन लाने की जरूरत है।शुक्रवार को पहले विश्व मोबिलिटी शिखर सम्मेलन के उद्घाटन के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी, रेल एवं कोयला मंत्री पियूष गोयल, सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने देश-विदेश से आये निजी और सामाजिक क्षेत्रों के सीईओ और प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और भविष्य में भारतीय ट्रांसपोर्ट की रूप रेखा पर चर्चा की। ट्रांसपोर्ट मंत्री नितिन ग़डकरी ने एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि देश में 10 अक्टूबर से 2 और रो-रो फेरी सेवा की शुरुआत होगी जो देश में जलमार्ग को मोबिलिटी के नये आयामों तक ले जाने में मदद करेगा।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है जिसमे ट्रांसपोर्ट सेक्टर का एक महत्वपूर्ण स्थान है और आने वाले वक़्त में इसे बेहतर बनाने के साथ साथ सामान ढुलाई एवं पर्यावरण हितैषी बनाने पर पूरा जोर होगा।

उहोंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन, विद्युतीकरण और वैकल्पिक ईंधन, सार्वजनिक परिवहन की नए सिरे से खोज, माल ढुलाई परिवहन और लॉजिस्टिक्स और डाटा विश्लेषण तथा मोबिलिटी को 2030 तक हासिल करने का सरकार का लक्ष्य है।

मोबिलिटी मे नवाचार के लिए तकनीकी प्रगति और डेटा माइनिंग की आवश्यकता है। आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि डेटा उपलब्धता, डेटा उपयोगिता, डेटा नवाचार और डेटा की गोपनीयता के बीच संतुलन को बनाने की जरूरत है। भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप पारिस्थितिक तंत्र है। लेकिन डेटा संग्रह और नवाचार को कुछ सिद्धांतों का भी पालन करना चाहिए।