मालदीव की स्थिति पर भारत ने जतायी चिंता

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भारत ने मालदीव की घटनाओं पर चिंता की व्यक्त, निर्वासित पूर्व राष्ट्रपति नशीद ने की भारत के हस्तक्षेप की मांग, राष्ट्रपति यामीन सुप्रीम कोर्ट और विपक्षी नेताओं के खिलाफ अपनी कार्रवाही पर अब तक अड़े हुए हैं।

भारत ने मालदीव की बिगड़ती राजनीतिक स्थिति पर चिन्ता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश और राजनीतिक नेताओं की गिरफ्तारी भी चिंता के विषय है। इससे पहले भारत ने भारतीय नागरिकों को परामर्श जारी करते हुए उनसे कहा था कि वे मालदीव की गैर जरुरी यात्रा न करे।

इस बीच, मालदीव की सुप्रीम कोर्ट ने कल रात नौ बड़े राजनीतिक कैदियों की रिहाई का आदेश वापस ले लिया। पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने दो वरिष्ठ न्यायाधीशों की गिरफ्तारी और राष्ट्रपति अबदुल्ला यामीन द्वारा आपातकाल की घोषणा के बाद जारी राजनीतिक संकट के समाधान के लिए भारत के सैनिक हस्तक्षेप की मांग की थी।

इसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला वापस लिया। राष्ट्रपति यामीन द्वारा आपातकाल की घोषणा के बाद मुख्य न्यायाधीश अब्दुल्ला सईद और एक अन्य न्यायाधीश अली हमीद को गिरफ्तार कर लिया गया था।

कल देर रात की एक घटना में सुप्रीम कोर्ट के बाकी तीन न्यायाधीशों ने नौ बड़े राजनीतिक कैदियो की रिहाई संबंधी आदेश में संशोधन कर दिया। इससे पहले राष्ट्रपति यामीन ने गिरफ्तार न्यायाधीशों पर उन्हें सत्ता से हटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पूर्व राष्ट्रपति ममून अब्दुल गयूम को भी उनके घर में नजरबंद कर लिया गया। वे विपक्षी गठबंधन में शामिल थे।