श्रीलंका के साथ मज़बूत रिश्तों के लिए भारत प्रतिबद्ध: पीएम

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श्रीलंका में भारतीय मूल के तमिलों को आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय आवास परियोजना के तहत भवनों का आवंटन किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो संदेश के जरिए लाभार्थियों को संबोधित किया।

श्रीलंका में भारतीय मूल के तमिलों के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में कल भारतीय आवास परियोजना के तहत भवनों का आवंटन किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो संदेश के जरिए लाभार्थियों को संबोधित किया। उन्होने भारतीय मूल के लोगों को दोनों देशों के बीच संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में सहायक बताया।

श्रीलंका में बने ये मकान भारत के साथ बढ़ते सहयोग की नई मिसाल हैं। प्रधानमंत्री ने नरेन्द्र मोदी ने भारतीय मूल के तमिलों के लिए श्रीलंका में बने मकानों के आवंटन के मौक़े पर ख़ुशी ज़ाहिर की। आज पहाड़ी इलाक़ो में बने 400 मकानों को आवंटित किया गया।

उन्होने वीडियो संदेश के ज़रिए भारत-श्रीलंका के बीच बढ़ते सहयोग को आर्थिक तरक्की के लिए नया आयाम बताया। साथ ही उन्होने 10 हज़ार अतिरिक्त मकान बनाने के लिए भी स्वीकृति दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार श्रीलंका में मकानों को बनवाने के लिए तेज़ी से काम कर रही है और यही वजह है कि इसके तहत पहला फेज पूरा हो चुका है।

वृक्षारोपण क्षेत्र,चाय बगान और दूसरे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले तमिलों के लिए 2015 में श्रीलंका की नई सरकार ने एक राष्ट्रीय योजना तैयार की गई थी। इसी के तहत भारत के सहयोग से 2020 तक 60 हज़ार घरों के निर्माण की योजना बनाई गई। प्रधानमंत्री ने वीडियो संदेश के ज़रिए श्रीलंका में रह रहे लोगों को मिले मकान और भू-अधिकार पर ख़ुशी ज़ाहिर की। साथ ही उन्होने कहा कि भारत श्रीलंका की समृद्धि,शांति और विकास के लिए कार्यरत रहेगा।

भारत के सहयोग से बने ये भवन लाभार्थियों के लिए एक बड़ी पहल है। दरअसल 19 वीं सदी में ही तमिलों को श्रीलंका में कॉफी बागानों में काम करने के लिए अंग्रेजों द्वारा भारत से लाया गया था। दस लाख की अधिक आबादी वाले तमिलों के सामाजिक आर्थिक उन्नति के लिए दोनों देशों की सरकारों की ये पहल विकास और सहभागिता की एक नयी शुरुआत है।