LAC पर चीनी सैनिकों की संख्या में बढ़ोत्तरी, सेना प्रमुख ने जताई चिंता

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लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (एमएम नरवणे) अग्रिम क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है। इस दौरान उन्होंने कहा कि चीन ने भारत की पूर्वी कमान तक पूरे पूर्वी लद्दाख और उत्तरी मोर्चे पर काफी संख्या में सैनिकों की तैनाती में इजाफा किया है। निश्चित रूप से भारत और सेना लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

लद्दाख के दो दिवसीय दौरे पर हैं नरवणे
बता दें कि नरवणे शुक्रवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर लद्दाख पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पूर्वी लद्दाख में कई अग्रिम क्षेत्रों का दौरा किया और भारत की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने 14 कोर के मुख्यालय में क्षेत्र की समग्र स्थिति की भी विस्तृत जानकारी ली। इसी तरह उन्होंने रणनीतिक रूप से संवेदनशील रेजांग-ला क्षेत्र का दौरा कर युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी। इसके बार उन्होंने उपराज्यपाल राधाकृष्ण माथुर से भी मुलाकात की।

पड़ोसी देशों की सभी हरकतों की कर रहे हैं निगरानी- नरवणे
लेह में महात्मा गांधी की 152वीं जयंती पर शनिवार को स्थापित किया गया दुनिया का सबसे बड़ा खादी राष्ट्रीय ध्वज। लेह में महात्मा गांधी की 152वीं जयंती पर शनिवार को दुनिया का सबसे बड़ा खादी राष्ट्रीय ध्वज स्थापित करने के बाद नरवणे ने कहा, “चीन ने अधिक सैनिकों को तैनात करने के लिए अपनी तरफ बहुत सारे बुनियादी ढांचे का निर्माण किया है। हम पड़ोसी देशों की हरकतों पर नजर रख रहे हैं।” उन्होंने कहा, “हमने सेना में कई उन्नत हथियार शामिल किए हैं। हम मजबूत स्थिति में हैं और किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं।”

“कमांडर स्तर की अगली वार्ता में निकल सकता है समाधान”
नरवणे ने कहा, “चीनी हमारे पूर्वी कमान तक पूरे पूर्वी लद्दाख और उत्तरी मोर्चे पर काफी संख्या में तैनात हैं। यह हमारे लिए चिंता का विषय बना हुआ है।” उन्होंने कहा, “मेरा दृढ़ मत है कि हम अपने मतभेदों को बातचीत से सुलझा सकते हैं। हम बेहतर परिणाम हासिल करने में सक्षम होंगे। पिछले 6 महीनों में स्थिति काफी सामान्य रही है। हमें अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में कमांडर स्तर की 13वें दौर की वार्ता होने की उम्मीद है।”

चीन की हर गतिविधियों पर रखी जा रही है नजर- नरवणे
ऊंचाई वाले क्षेत्रों का दौरा करने के बाद सेना प्रमुख एमएम नरवणे। नरवणे ने कहा, “हम चीन की सभी गतिविधियों पर नियमित रूप से नजर रख रहे हैं। हमें मिली जानकारी के आधार पर हम बुनियादी ढांचे के साथ-साथ सैनिकों के मामले में भी चीन के बराबर विकास कर रहे हैं, जो किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए आवश्यक हैं।” बता दें कि गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने कहा था कि चीनी सेना के यथास्थिति को बदलने के लिए एकतरफा प्रयास कर शांति व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास किया है।

पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ में आई तेजी
नरवणे ने पाकिस्तान को लेकर कहा कि फरवरी से जून के अंत तक पाक सेना द्वारा संघर्ष विराम का उल्लंघन नहीं किया गया था, लेकिन हाल ही में घुसपैठ के प्रयासों में वृद्धि हुई है जो संघर्ष विराम उल्लंघन द्वारा समर्थित नहीं है। 10 दिनों में दो बार संघर्ष विराम का उल्लंघन हो चुका है। उन्होंने कहा कि हमने हर सप्ताह होने वाले हॉटलाइन संदेशों के जरिए पाकिस्तान को आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन नहीं करने के लिए कहा है।

अफगानिस्तान की स्थिति पर भी रखी जा रही है नजर
अफगानिस्तान के मामले में नरवणे ने कहा कि सेना नियमित रूप से अफगानिस्तान की स्थिति और इसके संभावित प्रभावों और नतीजों पर नजर रखे हुए हैं। यह किस रूप में होगा, यह कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन हम स्थिति पर गंभीरता से नजर रखे हुए हैं।

मुंबई की कंपनी ने तैयार किया दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज
लेह में स्थापित किया गया गया दुनिया का सबसे बड़ा खादी से बना राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) मुंबई की KVIC कंपनी ने तैयार किया है। यह झंडा 225 फीट लंबा, 150 फीट चौड़ा और इसका वजन लगभग 1,400 किलोग्राम है। ध्वज को सुरक्षाबलों ने देश भर के ऐतिहासिक स्मारकों पर प्रदर्शित करने की योजना बनाई है। इससे बनाने के लिए 4,500 मीटर खादी के कपड़े का इस्तेमाल हुआ है और 70 कारीगरों ने 49 दिन में इसे तैयार किया है।