आईआईपी में हुई बढ़ोतरी ने अर्थव्यवस्था को पहुंचाई राहत

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मई में खुदरा महंगाई 4.87 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई, जबकि पिछले महीने यानी अप्रैल में यह आंकड़ा 4.58 फीसदी रहा था। इस पर सबसे ज्यादा असर ईंधन की ऊंची कीमतें रहीं.. वहीं आईआईपी ग्रोथ अप्रैल में बढ़कर 4.9 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई, जिसे मैन्युफैक्चरिंग और माइनिंग सेक्टर की ग्रोथ से खासा मदद मिली।

औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) में हुई बढ़ोतरी ने अर्थव्यवस्था को राहत पहुंचाई है। अप्रैल महीने में इंडस्ट्रियल ग्रोथ में तेजी दर्ज की गई। अप्रैल में आईआईपी 4.9 फीसद के स्तर पर रहा है जबकि मार्च में यह 4.4 फीसद था। मार्च में आईआईपी पांच महीने के निम्नतम स्तर पर रहा था।

आईआईपी में आई इस शानदार उछाल की वजह मैन्युफैक्चरिंग में हुई बढ़ोतरी रही। अप्रैल महीने में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ग्रोथ 5.2 फीसद रही है। वहीं माइनिंग सेक्टर की ग्रोथ 5.1 फीसद दर्ज की गई। अप्रैल में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की ग्रोथ की बात करें तो यह बढ़कर 4.3 फीसद हो गई जो मार्च में 2.9 फीसद थी आंकड़ों के मुताबिक मई महीने में खुदरा महंगाई 4.58 फीसद से बढ़कर 4.87 फीसद हो गई।