प्रत्यक्ष कर संग्रह और करदाताओं की संख्या में वृद्धि

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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि 18 सितंबर तक प्रत्यक्ष कर संग्रह में 15.7 फीसदी की वृद्धि हूई है, साथ ही उन्होने यह भी कहा कि करदाताओं की संख्या में भी भारी वृद्धि हुई है वित्त वर्ष 2012-13 के 4.72 करोड़ करदाताओं के मुकाबले 2016-17 में बढ़कर संख्या 6.26 करोड़ हुई।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि टैक्स में दक्षता, पारदर्शिता और निष्पक्षता लाने के लिए आयकर विभाग द्वारा पिछले 2-3 वर्षों में कई कदम उठाए गए हैं। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि 50 लाख रुपये तक की आय वाले करदाताओं के लिए एक पृष्ठ का आईटीआर-एक (सहज) फॉर्म जारी किया गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि पहली बार गैर कारोबारी कर दाता जिनकी आमदनी पांच लाख रुपये तक है, उनके लिए कोई जांच नहीं अवधारणा पेश की गई है. इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को कर दायरे में आने के लिए प्रोत्साहित करना है। वित्त मंत्री अरुण जेटली शुक्रवार राष्ट्रीय राजधानी में ‘आईटी विभाग की पहल’ के विषय पर वित्त मंत्रालय से जुड़े परामर्शदात्री समिति की दूसरी बैठक को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष कर संग्रह से सरकार की आमदनी बढ़ी है। 1 अप्रैल से 18 सितंबर के बीच प्रत्यक्ष कर संग्रह में 15.7 फीसदी की वृद्धि हुई है और यह 3.7 लाख करोड़ हो चुका है। वित्त मंत्री ने कहा है कि सरकार टैक्स बेस बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि करदाता की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2012-13 में 4.72 करोड़ लोगों ने टैक्स दिया, जबकि वित्त वर्ष 2016-17 में यह संख्या बढ़कर 6.26 करोड़ हो गई।