जानिए क्या है आय घोषणा योजना 2016 ?

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घोषणा योजना, 2016 आयकर विभाग, भारत सरकार द्वारा शुरू की गयी है। यह योजना ऐसे नागरिकों को जिन्होंनें बीते समय में पूर्ण करों का भुगतान नहीं किया गया है आगे आनें और अघोषित आय घोषित करने और टैक्स, सरचार्ज और जुर्माना सहित कुल ऐसी अघोषित आय के पैंतालीस प्रतिशत पर घोषित करने के लिए एक अवसर प्रदान करता है।

यह ऐसे सभी नागरिक को जिन्होंनें पहले के वर्षों में सही ढंग से आय घोषित नहीं किया है आगे आने के लिए और इस तरह की अघोषित आय की घोषणा करने का एक अवसर है। यह घोषणा 1 जून 2016 से 30 सितंबर 2016 तक की जानी है। व्यक्तियों, एचयूएफ, कंपनियों, संस्थान, व्यक्ति आदि सहित सभी नागरिक इस योजना के तहत घोषणा करने के पात्र हैं।

  • घोषणाकर्ता द्वारा देय राशि क्या है?
  • अघोषित आय पर 30% की दर से टैक्स
  • अघोषित पर 7.5% की दर से सरचार्ज
  • अघोषित पर 7.5% की दर से जुर्माना

कुल: अघोषित आय का 45%

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

आय घोषणा योजना, 2016 सरकार इस कदम के माध्यम से एक बड़ा राशि एकत्र करने के लिए योजना बना रही है जो बुनियादी ढांचे के विकास और अन्य आवश्यक खर्चों के लिए धन जुटाने के लिए मील का पत्थर साबित होगा। आय घोषणा योजना, 2016 के अनुसार किसी भी संपत्ति में निवेश के रूप में आय या आय की घोषणा खंड 183 के तहत फार्म -1 में किया जाएगा।

प्रपत्र -1 (आईडीएस) उपयोगिता कैसे डाउनलोड करें?

  • आय ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएं
  • “डाउनलोड” अनुभाग के तहत “प्रपत्र (आईटीआर के अलावा)” पर क्लिक करें
  • प्रपत्र 1 “डाउनलोड” बटन पर क्लिक करके डाउनलोड किया जा सकता है।

अन्य संबंधित प्रपत्र

  • प्रपत्र 1- घोषणा पत्र (घोषक द्वारा 30 सितम्बर, 2016 तक भरा जा सकता है)
  • प्रपत्र 2-घोषणा पत्र की पावती (जिस महीने के अंत घोषणा पत्र भरा जाता है उससे 15 दिनों के भीतर पी सीआईटी / सीआईटी द्वारा जारी किया जाना है)
  • प्रपत्र 3- टैक्स, सरचार्ज और दंड के भुगतान की अनुकृति (घोषक द्वारा पी सीआईटी / सीआईटी को 30 नवंबर 2016 तक प्रस्तुत किया जाना है)
  • प्रपत्र 4- घोषणा का प्रमाण पत्र (भुगतान की सूचना की तारीख से 15 दिनों के भीतर पी सीआईटी / सीआईटी द्वारा दिया जाना है)

सभी जानकारी और संबंधित प्रपत्र आयकर विभाग, भारत सरकार पर उपलब्ध है। आयकर विभाग, भारत सरकार पर्यवेक्षण और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के नियंत्रण के तहत कार्य करता है। देश भर में 500 से अधिक शहरों में इसके 60,000 के आसपास कर्मी अवस्थित हैं। क्षेत्रीय कार्यालयों को रीजन में बांटा गया है और प्रत्येक रीजन का नेतृत्व में आयकर के मुख्य आयुक्त करते हैं। हर रीजन को राजस्व संग्रह जैसे वार्षिक प्रदर्शन लक्ष्यों सौंपा जाता है और ऑपरेटिंग खर्चों को पूरा करनें के लिए आवश्यक व्यय बजट प्रदान किया जाता है।

आप क्यों परवाह करें?

प्रौद्योगिकी के उपयोग और लेनदेन की श्रृंखला के लिए पैन की घोषणा के द्वारा कर संग्राहक काले धन के स्रोतों पर लगाम कस रहे हैं। इसलिए, अगर आपके पास अघोषित आय है, तो इसे घोषित करने के लिए यह एक अच्छा अवसर है।
यदि आप एक चिंताशील करदाता हैं, तो आप इस सत्य से आनन्दित हो सकते हैं कि यदि सरकार इस अभियान के माध्यम से पर्याप्त धन एकत्रित करती है तो कर का आधार और व्यापक हो जायेगा। इसका मतलब भविष्य में और अधिक सामाजिक खर्च और भी कम दरों पर होगा। आप भी ईमानदार कर दाता नागरिक के तौर पर ठगे महसूस नही करेंगें।

मन की बात पर मोदी के भाषण की मुख्य विशेषताएं

  • मासिक ‘मन की बात‘ रेडियो संबोधन पर, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी मोदी ने अन्य विषयों के बीच अघोषित परिसंपत्तियों का मुद्दा उठाया । उन्होंने घोषणा की कि 30 सितम्बर से पहले अघोषित संपत्ति वाले लोगों के पास घोषणा करने के लिए एक अवसर है।
  • “हम नियमों का उल्लंघन करने से हमारी शांति खो देते हैं, क्यों नहीं हम हमारी आय और संपत्ति के बारे में सरकार को सही जानकारी दें?” उन्होंनें रेडियो संबोधन में कहा।
  • घोषणा आयकर के क्षेत्राधिकार आयुक्त को ऑनलाइन या मुद्रित रूप मे दी जा सकती है।
  • यह योजना आयकर अधिनियम / संपत्ति कर अधिनियम के तहत वेल्थ टैक्स, जांच / जांच और अभियोजन, और प्रतिरक्षा बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम, 1988 से घोषित संपत्ति के छूट का वादा करती है।
  • प्रधानमंत्री ने यह भी कहा है कि संपत्ति घोषित करने से नागरिकों कों 30 सितंबर के बाद होनेंवाली कठिनाइयों से भी बचाव होगा। “देश की आबादी 125 करोड़ है और केवल 1.5 लाख लोगों की 50 लाख रुपये से ऊपर कर योग्य आय है,” उन्होंने कहा।
  • अपनें संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी नें चंद्रकांत कुलकर्णी जो एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी है के साथ अपनी बैठक के बारे में बात की जो “स्वच्छ भारत के लिए अपनी पेंशन का लगभग एक तिहाई दे रहें है”।
  • “एक देश में, जहां एक सरकारी कर्मचारी अपनें 16000 रुपये के मासिक पेंशन से हर महीने 5000 रुपये दान करता है, किसी को भी करों से बचने का अधिकार नही है। उन्हें एक प्रेरणा होना चाहिए” उनका कथन एएनआई नें उद्धृत किया था।

संपत्ति के विभिन्न वर्गों के पंजीकृत मूल्य निर्धारकों की अखिल भारतीय सूची 

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