अंडर-17 विश्व कप फुटबॉल के ग्रुप सी में देखने को मिलेंगे रोमांचक मुकाबले

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शुक्रवार से शुरु हो रहे अंडर-17 फीफा विश्व कप के ग्रुप सी में रोमांचक मुकाबले देखने को मिल सकते है। इस ग्रुप में 9 प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी जर्मनी की टीम की दावेदारी सबसे मजबूत नजर आ रही है। हालांकि उन्हे कोस्टारिका से कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा इस ग्रुप में ईरान और गिनी की टीम भी मौजूद है।

अंडर 17 फीफा विश्व कप में इस बार जर्मनी की टीम प्रतियोगिता के इतिहास में पहली बार खिताब जीतने के उद्देश्य से उतरेगी। जर्मनी ने इस टूर्नामेंट में नौ बार भाग लिया है। इसमे उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1985 में देखने को मिला था। तब यह टीम टूर्नामेंट में उपविजेता रही थी।

2007 और 2011 में यह टीम तीसरे स्थान पर जबकि 2007 में चौथे स्थान पर भी रही। दो साल पहले चिली में हुए पिछले संस्करण में जर्मनी की टीम अंतिम 16 में क्रोएशिया के हाथों 0-2 से हारकर बाहर हो गई थी। हालांकि उसने यूरोपियन चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत में हो रहे इस टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया।

इस दौरान उसने सात जीत दर्ज की और कुल 36 गोल दागे और सिर्फ छह गोल खाए। यह प्रदर्शन बताता है कि उसकी इस टूर्नामेंट के लिए तैयारी कितनी पुख्ता है। टीम का पहला मुकाबला सात अक्टूबर को कोस्टारिका से होगा।

ग्रुप सी की दूसरी सबसे मजबूत टीम कोस्टारिका है। उसने दसवीं बार फीफा अंडर-17 टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया है। पिछली नौ बार में से उसने पांच बार क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया। कोस्टारिका ने क्वालीफिकेशन के ग्रुप स्टेज में अपने तीनों मैच जीते थे। उसके बाद कानकैफ अंडर-17 चैंपियनशिप में दूसरे स्थान पर रहते हुए प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया है। कोस्टा रिका ने ग्रुप की दो टीमों ईरान और गिनी से मैच खेले हैं और दोनों पर जीत दर्ज की है।

शुरुआती आठ संस्करणों के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रहने वाली ईरानी टीम आखिरकार 2001 में पहली बार इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने में सफल हुई। ईरानी टीम ने इस टूर्नामेंट के लिए चौथी बार क्वालिफाई किया है। 2001 में हालांकि टीम ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ पाई. लेकिन 2009 और 2013 में उसने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर अंतिम 16 में जगह बनाई। इस बार ईरान की निगाह अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर होगी।

नाइजीरिया और कांगो के साथ 1985 में हुए पहले विश्व कप में भाग लेने वाले पहले तीन अफ्रीकी देशों में से एक था गिनी। तब इस टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो जीत, दो ड्रॉ और दो हार के साथ चौथा स्थान हासिल किया था, जोकि इसका टूर्नामेंट में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. इसके बाद टीम कभी भी पहले दौर से आगे नहीं बढ़ पाई है।