सबका साथ-सबका विकास सरकार का मूल मंत्र: राष्ट्रपति

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राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसद के बजट सत्र की शुरुआत करते हुए कल संसद के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक सत्र है क्‍यों‍कि स्‍वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार आम बजट और रेल बजट एक साथ पेश किया जाएगा। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार की नीतियों का मूल गरीबों, दलितों, किसानों, श्रमिकों और युवाओं का कल्याण करना है।

दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में दिए अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने एक बार फिर साफ कर दिया कि केंद्र सरकार सबका साथ सबका विकास की विचारधारा के तहत आगे बढ़ रही है और समाज के हर वर्ग का विकास उसकी प्राथमिकता है। आठ नवंबर को केंद्र सरकार ने कालेधन के खिलाफ ऐतिहासिक कदम उठाया था। राष्ट्रपति ने विमुद्रीकरण के साहसिक फैसले पर सरकार की पीठ थपथपाई तो इस काम में लोगों के धैर्य की भी सराहना की।

राष्ट्रपति ने सरकार की नीतियों की चर्चा करते हुए कहा कि गरीबों, दलितों, पीड़ितों, शोषित और वंचित लोगों का कल्याण सरकार की पहली प्राथमिकता है।

प्रणब मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर हुई सर्जिकल स्ट्राइक पर सरकार की तारीफों के पुल बांधे और इसे आतंकवाद के खिलाफ बड़ा कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि आतंक के आगे देश नहीं झुकेगा और सरकार आतंकवाद से लड़ाई लड़कर उसका सफाया करने को लेकर प्रतिबद्ध है।

देश की युवा शक्ति का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि देश की 65 प्रतिशत आबादी 35 साल से कम उम्र की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हर हाथ को हुनर योजना के तहत युवाओं को कौशल प्रदान करने के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण दिया गया। 20 लाख युवाओं को अप्रेंटिस योजना का फायदा मिला। 50 इंडिया स्किल सेंटर बनाए गए।

सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत गरीबों को एलपीजी कनेक्‍शन मुहैया करा रही है। जनधन योजना के जरिए गरीबों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया। इसके तहत 26 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खोले गए और 20 करोड़ से ज्यादा रुपे कार्ड जारी किए गए।

सरकार लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छत उपलब्‍ध कराने को लेकर प्रतिबद्ध है और 2022 तक सभी को आवास उपलब्‍ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत गांवों को रिकॉर्ड समय में रोशन किया गया।

राष्ट्रपति ने खेती और किसानों के फायदे के लिए केंद्र सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों के बारे में बताते हुए कहा कि किसानों के लिए सॉइल हेल्थ कार्ड योजना शुरू की गई है, जिससे किसान मिट्टी के हिसाब से सर्वोत्तम फसल बो सकें और खाद का इस्तेमाल कर सकें। उन्होंने कहा कि 6.6 करोड़ किसानों का बीमा किया गया। किसानों को क्रेडिट कार्ड दिए।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की उचित देखरेख और उनकी सुविधाओं को लेकर विशेष ध्‍यान दिया गया है। 4 दशक पुरानी वन रैंक-वन पेंशन की मांग को पूरा किया गया। वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए 8 प्रतिशत ब्‍याज दर तय की गई।

सरकार दिव्‍यांगों को समान अवसर देने को प्रतिबद्ध है। पूर्वोत्तर राज्यों के विकास पर खास ध्यान दिया जा रहा है। अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सीखो और कमाओ, उस्ताद, नई मंजिल जैसी योजनाओं से अल्पसंख्यकों की आमदनी बढ़ेगी।

राष्ट्रपति ने बुनियादी ढांचे के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि रेलवे के आधुनिकीकरण के साथ ही सड़कों पर खास ध्यान दिया जा रहा है। गांवों में 73,000 किलोमीटर सड़कें बनाई गई हैं।

राष्ट्रपति ने लोकसभा और विधानसभा के चुनाव साथ करवाने और चुनावों की फंडिंग के मसले पर बहस की अपील की। स्वच्छ भारत अभियान का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि ये जन आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के उत्साहजनक परिणाम आ रहे हैं।

राष्ट्रपति ने बजट सत्र को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि समय से पहले बजट सत्र की शुरुआत हो रही है। कुल मिलाकर राष्ट्रपति के अभिभाषण से साफ है कि सरकार का जोर महिलाओं, युवाओं, गरीबों, अल्पसंख्यकों, किसानों, मजदूरों समेत समाज के सभी तबकों के विकास पर है।