सेवा में अनुपस्थित रहकर हस्ताक्षर करने वाले चिकित्सक के विरूद्ध अपराधिक प्रकरण दर्ज

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सीहोर @ जिला कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य समिति तरूण कुमार पिथोडे की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर पिथोडे द्वारा इछावर के वीरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ चिकित्सक डॉ. संजीव रघुवंशी द्वारा सेवा पर अनुपस्थित रहने के उपरांत भी उपस्थिति पंजी पर एक साथ पखवाडे़ भर की उपस्थिति हस्ताक्षर को गंभीरता से लेते हुए बीएमओ इछावर को संबंधित चिकित्सक के विरूद्ध थाने में अपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने संबंधित चिकित्सक के रिकार्ड की भी जांच करने के भी निर्देश सीएमएचओ को दिए है।

वीरपुर डेम में पदस्थ सुपरवाईजर्स द्वारा ई-स्वास्थ्य मॉनीटरिंग के दिशा निर्देश प्राप्त करने में मोबाइल कव्हरेज के कारण आ रही दिक्कतो को दूर करने के लिए उक्त सुपरवाईजर को वॉकीटाकी वायरलेस सिस्टम प्रदाय करने के निर्देश सीएमएचओ को दिए गए है। कलेक्टर ने बीएमओ को निर्देशित किया वे गांव में चैपाल लगाकर स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा करें तथा इसकी रिपोर्ट सीएमएचओ के माध्यम से कलेक्टर को प्रस्तुत करें इसके लिए सेक्टर एमओ, स्वास्थ्य सुपरवाईजर, एमपीडब्ल्यू, एएनएम तथा आशाओं की सेवाएं लेने के निर्देश भी दिए गए है। बुदनी में पदस्थ महिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनू सक्सेना के निरंतर सेवा में अनुपस्थित रहने पर उनके विरूद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश सीएमएचओ को दिए गए है।

बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.आर. अहिरवार, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग एसपी सिंह,सहायक संचालक स्कूल शिक्षा नीमजे,जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. टी.आर. उईके, सिविल सर्जन डॉ. ए.ए. कुरैशी, जिला कुष्ठ निवारण अधिकारी डॉ. आनंद शर्मा, जिला मलेरिया अधिकारी क्षमा बर्वे, जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. पदमाकर त्रिपाठी, अंधत्व निवारण अधिकारी डॉ. उमेश श्रीवास्तव सहित समस्त बीमएमओ, बीईई, बीपीएम, सेक्टर मेडिकल आफिसर, सुपरवाईजर्स, जिला कार्यक्रम प्रबंधक धीरेन्द्र आर्य, जिला लेखा प्रबंधक रमाकांत व्दिवेदी जिला मूल्यांकन अधिकारी नीलेश गर्ग सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.आर. अहिरवार ने बताया कि बैठक में वर्ष 2017-2018 में संचालित समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रमों के लक्ष्य एवं उपलब्धि की विस्तृत एवं सूक्ष्म समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बैठक में कहा कि जिले के किसी भी स्वास्थ्य संस्था, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कोई भी ड्यूटी डॉक्टर नशे में पाया गया तो उसके विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी वहीं इसके लिए संबंधित बीएमओ अथवा सिविल सर्जन पूरी तरह जिम्मेदार होंगे। कलेक्टर महोदय ने सख्त निर्देश दिए कि ऐसे चिकित्सकों के विरूद्ध मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया को भी पत्र लिखकर उनकी प्रेक्टिस पर रोक लगाने तथा पंजीयन निरस्त किए जाने हेतु सख्त कार्यवाही करने के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिए गए है।

कलेक्टर महोदय के निर्देश पर जिले में पदस्थ चिकित्सकों के समस्त कार्या की लक्ष्य उपलब्धि के आधार पर प्रत्येक बैठक मे्रं रैंकिंग प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे जिसमें बेहरत कार्यां के लिए टाप 5 रैंक में प्रथम सीहोर शहरी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिलीप चौरसिया रहें वहीं टॉप में 5 में डॉ. बुशरा सिद्धिकी, डॉ. अरविंद सिन्हा, डॉ. पुष्पा चंदेल और डॉ. जी.डी. सोनी का नाम शामिल है वहीं कार्य की प्रगति लक्ष्य एवं आशानुरूप नहीं होने वाले चिकित्सकों में नीचे बॉटम 5 में डॉ.राकेश वर्मा, डॉ. महेश पाण्डे, डॉ. राहुल जाट, डॉ. रामकुमार झा तथा डॉ. हेनोपमा ठाकुर का नाम शामिल है ऐसे चिकित्सकों के विरूद्ध कलेक्टर ने कहा कि जो चिकित्सक निरंतर 2 बार बॉटम में 5 में पाया जाता है तो उसके दो इंक्रीमेंट रोके जाएं वहीं 5 बार बॉटम 5 वाले चिकित्सकों की विभागीय जांच संस्थित कर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएं वहीं जो चिकित्सक वर्ष पर बॉटम 5 में निरंतर पाया जाता है तो उसके विरूद्ध शासकीय कार्य में लापवाही बरतने के लिए सेवा से पृथक करने की कार्यवाही की जाएगी। जिला चिकित्सालय में बेहरत सेवाएं प्रदान नहीं करने वाले चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकुल शर्मा तथा डॉ. नरपत सिंह के विरूद्ध भी सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए गए है।

कलेक्टर ने सीएमएचओ तथा सिविल सर्जन से कहा कि जिला चिकित्सालय के आईएसओ अवार्ड कराने के लिए क्वालिटी इंस्योरेंस एवं कायाकल्प अभियान के सभी प्रावधान सख्ती से लागू किए जाएं। ई-स्वास्थ्य निरीक्षण में लापरवाही बरतने वाले 11 स्वास्थ्य सुपरवाईजर्स के विरूद्ध नोटिस जारी कर सख्त कार्यवाही के निर्देश कलेक्टर महोदय ने सीएमएचओ को दिए है। कलेक्टर में वर्ष 2018-2019 के लक्ष्य एवं उपलब्धि के लिए सूक्ष्म कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश सभी बीएमओ तथा सेक्टर मेडिकल आफिसर्स को दिए है।