कमानिया गेट और बड़ा फुहारा की खूबसूरती को बदनुमा बना रहे अवैध होर्डिंग पोस्टर

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फोटो – राजेश नामदेव

जबलपुर। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत स्वच्छ और शिक्षित शहर के रूप में पहचाने जाने वाला जबलपुर अब अपनी ये पहचान खो चुका है। यहां के लोगों के साथ जनप्रतिनिधियों से जुड़े लोग ही शहर की सूरत को बिगाड़ रहे है। चाहे कोई धार्मिक आयोजन हो या सांस्कृति कार्यक्रम पूरा शहर जनप्रतिनिधि सहित अन्य आयोजनों के अवैध होर्डिंग्स से पट जाता है। एेसे में शहर की बिगड़ती सूरत को संवार कर इन्हे लगाने वालों पर अंकुश लगाने वाले खुद ही दफ्तरों में दबे छिपे बैठे है।

फोटो – राजेश नामदेव

शहर में होने वाले किसी भी आयोजन के पूर्व से ही शहर में हर तरफ थोड़ी दूरी पर होर्डिंग, बैनर, पोस्टर लगे नजर आने लगते है। होर्डिंग्स से बिगड़ रही शहर की सूरत को संवारने का जिम्मा वैसे तो नगर निगम का है। लेकिन जिम्मेदारों के इस और ध्यान नहीं देने से जिसका मन करता वह अपने नाम का होर्डिंग चौराहों पर लगा देता है। बाद में यह होर्डिंग हर पल हादसों को न्यौता देते नजर आते है।

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फोटो – राजेश नामदेव

बधाई संदेशों के होर्डिंग पोस्टरों से पटा शहर
तीज-त्योहार नजदीक आते ही शहर बधाई संदेशों के होर्डिंग व पोस्टरों से अटा पड़ा है। चारों तरफ बधाई संदेशों के होर्डिंग्स की भरमार है। शहर में होर्डिंग्स का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। बधाई संदेशों के साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, औद्योगिक इकाइयों, शैक्षिक संस्थाओं, राजनीतिक दलों के होर्डिंग्स शामिल है। रसूखदार व ऊंची पहुंच के कारण इन पर जिला प्रशासन व प्राधिकरण के अधिकारी भी कार्रवाई करने से बचते नजर आ रहे हैं।

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फोटो – राजेश नामदेव

ऐतिहासिक धरोहर कमानिया गेट की सुंदरता हो रही है प्रभावित

शहर की ऐतिहासिक धरोहर कमानिया गेट (त्रिपुरी स्मारक) में राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए लोग प्रचार सामग्री को बिना परमिशन मनमर्जी से शहर में कहीं पर भी लगा रहे हैं ऐसे में कमानिया गेट की सुंदरता प्रभावित हो रही है। सरकार शहर को स्मार्ट बनाने के लिए जोर लगा रही है, जबकि निगम अधिकारियों की आंखों के सामने शहर को पोस्टर, बैनर, होर्डिंग्स व फ्लैक्स बोर्ड से पाट दिया गया है।

फोटो – राजेश नामदेव

एक दूसरे से देखा-देखी में लगा रहे पोस्टर-बैनर
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कमानिया गेट ऐतिहासिक इमारत होने के कारण इसके जीर्णोद्वार में स्मार्ट सिटी ने इसका गोंद, बेल, चूना जैसी परंपरागत निर्माण सामग्री से किया गया। जिसमें 26 लाख रुपए से कमानिया गेट का जीर्णोद्घार, रंगरोगन कराया गया। नगर निगम के ढुलमुल रवैये के चलते एक दूसरे के देखा-देखी आए दिन नित नए लोग पोस्टर व होर्डिंग्स लगा रहे हैं।

होर्डिंग नीति के मुख्य बिंदु

  • नकारात्मक संदेश देने वाले होर्डिंगों को अनुमति नहीं।
  • किसी व्यक्ति या संपत्ति को संभावित खतरा पैदा करने वाले होर्डिंग अवैध।
  • दुकानों के बोर्ड, ग्लोसाइन बोर्ड पर भी शुल्क।
  • आग तक पहुंचने या आग बुझाने में बाधक होर्डिंग अवैध।
  • किसी वृक्ष या सार्वजनिक स्थान को क्षति पहुंचाने की आशंका वाले होर्डिंग अवैध।
  • सड़क के रैंप पर, उसके बाहर रोड के ऊपर से ओवरहेड होर्डिंग को अनुमति नहीं।
  • चौराहे, तिराहे या मार्ग संगम से 25 मीटर की दूरी अनिवार्य।
  • होर्डिंग, ग्लो साइनबोर्ड या विज्ञापन की मीडिया डिवाइस से वाहन चालकों को चकाचौंध नहीं होना चाहिए।
  • इंडियन रोड कांग्रेस के मानकों का उल्लंघन न हो।
  • संपत्ति स्वामी के आवेदन पर ही होर्डिंग लगाने की अनुमति मिलेगी।