पेड़ पर चढ़ने को मजबूर हुए ICC अंपायर अनिल चौधरी जानिए क्या है वजह

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कोविड-19 वैश्विक महामारी से इस समय देश में 21 दिन का लॉकडाउन घोषित है. भारत में कोरोनावायरस का कहर बढ़ता जा रहा है. इस वायरस की चपेट में आकर देश में अब तक 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 7 हजार से अधिक लोग इससे संक्रमित हैं. लॉकडाउन की वजह से लोगों को परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है. इन्हीं में से एक हैं भारत के इंटरनेशनल स्तर के क्रिकेट अंपायर अनिल चौधरी.

आपको बता दूँ कि क्रिकेट अंपायर अनिल चौधरी अब तक 20 वनडे और 28 टी20 इंटरनेशनल मैचों में अंपायरिंग कर चुके चौधरी को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे मैचों में अंपायरिंग करनी थी लेकिन कोरोना के कहर के बढ़ते प्रकोर के कारण सीरीज बीच में ही रोक दिए जाने से वह 16 मार्च को उत्तर प्रदेश के शामली जिले में स्थित अपने गांव डांगरोल आ गए थे.

कोरोना वॉरियर्स: गेंदबाजी में जलवा बिखेर चुका ये पूर्व पेसर अब सड़कों पर उतर लोगों से कर रहा घरों में रहने की अपील, क्रिकेट के मैदान पर जिन लोगों ने अनिल चौधरी के बेहद शांतचित होकर चौके, छक्के और आउट का इशारा करते हुए देखा होगा, उन्हें आईसीसी पैनल के इस अंपायर को कभी पेड़ पर तो कभी छत पर चढ़कर मोबाइल लहराते हुए नया रूप निश्चित तौर पर चौंकाने वाला लगेगा.

खराब नेटवर्क से हो रही ये समस्या
भारत के शीर्ष क्रिकेट अंपायरों में शामिल चौधरी कोरोनावायरस के कारण लॉकडाउन के दिनों में अपने गांव में रहने के लिये मजबूर है जहां खराब नेटवर्क के कारण उनका खुले खेतों में भी ‘गुगली’ और ‘बाउंसर’ से सामना हो रहा है.

चौधरी ने ‘भाषा’ से कहा, ‘मैं 16 मार्च को अपने दोनों बेटों के साथ गांव आ गया था. मैं काफी दिनों बाद गांव आया था इसलिए मैंने एक सप्ताह यहां बिताने का फैसला किया लेकिन इसके बाद लॉकडाउन हो गया और मैं उसका पूरी तरह से पालन कर रहा हूं जबकि मेरी मां और पत्नी दिल्ली में हैं.’

चौधरी गांव में लोगों को सामाजिक दूरी बनाए रखने और कोविड-19 के प्रति जागरूक करने में लगे हैं लेकिन नेटवर्क की समस्या के कारण वह विभिन्न कार्यक्रमों में ऑनलाइन हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं जिनमें आईसीसी की कार्यशालाएं भी शामिल हैं.

उन्होंने कहा, ‘गांव में नेटवर्क सबसे बड़ा मसला है. हम किसी से बात तक नहीं कर सकते या नेट का इस्तेमाल नहीं कर सकते. इसके लिए उन्हें गांव से बाहर या किसी खास छत या पेड़ पर जाना होता है. वहां भी हमेशा नेटवर्क नहीं रहता है.’

दिल्ली से सिर्फ 85 किलोमीटर दूर है गांव
आईसीसी पैनल के अंपायर ने खुद कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाली हैं जिनमें वह पेड़ पर चढ़कर फोन करते हुए दिखाई दे रहे हैं. चौधरी का गांव दिल्ली से केवल 85 किलोमीटर दूर है. चौधरी ने बताया कि इस संबंध में उनके अनुरोध पर गांव की प्रधान ने शामली की जिलाधिकारी जसजीत कौर को पत्र भी लिखा लेकिन अब भी उन्हें उस पर कार्रवाई का इंतजार है. बकौल चौधरी, ‘हमने 10 दिन पहले पत्र भेजा था लेकिन अभी तक हमें कोई जवाब नहीं मिला है.’

लोगों को किया जागरूक

चौधरी ने हालांकि इस दौरान लोगों को कोविड-19 के प्रति जागरूक भी किया. उन्होंने कहा, ‘मैंने लोगों को एक साथ इकट्ठा नहीं होने, ताश नहीं खेलने, लगातार साबुन से हाथ धोने के लिए प्रेरित किया और उन्होंने मेरी बात पर अमल भी किया. मैंने उन्हें कुछ मास्क भी बांटे. मेरे गांव वाले अब सामाजिक दूरी बनाए रखने का पूरा पालन कर रहे हैं. गौरतलब है कि कोरोना के कहर से दुनियाभर में अब तक 1 लाख से अधिक लोगों ने अपनी जानें गंवा दी है जबकि इससे संक्रमित मरीजों की संख्या 15 लाख को पार कर गई है. इसकी चेन को तोड़ने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग बेहद जरूरी है.