हिंदू मुझे मुसलमान समझता और मुसलमान काफिर : फारुख अब्दुल्ला

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पटना: अपने बेबाक और विवादास्पद बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के पूर्व अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार उनका बयान बेबाक जरूर रहा लेकिन विवादास्पद तो बिल्कुल भी ना रहा. एक निजी टीवी चैनल के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जब उन्होंने भजन सुनाते हुए कहा किस गली गए मेरे राम तो फारूक अब्दुल्ला की भी आंखें भर आई और टीवी चैनल देख रहे कई लोगों की आंखें भी नम हो गई.

हाथों में माइक लिए फारूक अब्दुल्ला भजन भी गाते रहे और जब उन्होंने कहा किस गली गयो मेरे राम किस गली गए श्याम तो वाकई उस वक्त एक अजीब खुशनुमा माहौल हो गया था.

फारूक अब्दुल्ला बोले बंद हो नफरत की सियासत

समाचार चैनल जी न्यूज़ के कार्यक्रम में फारुख अब्दुल्ला शिरकत कर रहे थे. उसी समय एंकर ने कई तीखे सवाल भी किया. फारुख अब्दुल्ला हर सवाल का जवाब दे रहे थे. उसी समय जब एंकर ने पूछा कि आखिर आप इतने गुस्से में क्यों रहते हैं तो उन्होंने गुस्से में रहने की बात से इनकार किया और कहा कि वे भजन भी गाते हैं कव्वाली भी गाते हैं. एंकर ने कहा आज भी कुछ सुना दीजिए. फारूक अब्दुल्ला शुरू में इंकार करते रहे. जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम ने वैष्णो देवी, अमरनाथ यात्रा, पशुपतिनाथ मंदिर जाने के किस्सों को भी खूब सुनाया और फिर भजन भी गाना शुरू कर दिया. हाथों में माइक लिए फारूक अब्दुल्ला भजन भी गाते रहे और जब उन्होंने कहा किस गली गयो मेरे राम किस गली गए श्याम तो वाकई उस वक्त एक अजीब खुशनुमा माहौल हो गया था.

हिंदू मुझे मुसलमान समझता और मुसलमान काफिर

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके साथ समस्या यह है कि हिंदू आबादी उन्हें मुसलमान समझती है और मुसलमान आबादी उन्हें काफिर समझती है. उन्होंने कहा कि आजादी के 70 साल में नफरतों की दीवार खूब मजबूत हुई और खूब लड़ाइयां हुई लेकिन अब इस लड़ाई को समाप्त करना होगा.

भगवान राम से जुड़े संस्मरण का भी दिया हवाला

कार्यक्रम में फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वे एक मुसलमान हैं लेकिन उन्हें भी पता नहीं क्या कि भगवान राम उन्हें इतना पसंद क्यों हैं. राम-केवट संवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान को नदी पार करनी थी. मल्लाह जब उन्हें नदी पार कर रहा था तो भगवान राम ने कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं. केवट ने हाथ जोड़कर कहा कि जब मुझे जिंदगी की दरिया पार करनी होगी तो प्रभु मेरा हाथ पकड़ कर उस दरिया को पार करवा देना.

कश्मीर समस्या का जरूर होगा हल, नहीं जाना चाहता पाकिस्तान

फारूक अब्दुल्ला ने बेबाकी से कहा आज तक न पाकिस्तान गए हैं और न कभी पाकिस्तान जाना भी चाहते हैं. फारूक ने कहा कि यदि वो पाकिस्तान जाएंगे तो पता नहीं पाकिस्तान से वापस आएंगे भी या नहीं. उन्होंने कहा देश-विदेश की सारी समस्याओं का समाधान हो रहा है तो कश्मीर समस्या का समाधान भी जरूर होगा. उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतना वक्त लग गया लेकिन हल जरूर निकलेगा.