यूपी में 35 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट में बदलाव करने का हाईकोर्ट ने सरकार को दिया आदेश

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प्रयागराज. उत्तर प्रदेश में 35 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट में नियम बनाने का आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को दिया है. इसके साथ ही आपराधिक रिकॉर्ड वाले अपराधियों के अलावा अन्य लोगों पर गैंगस्टर लगाने पर नाराजगी जाहिर की है. निशांत एवं अन्य की जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति ने गैंगस्टर चार्ट में भिन्नता पाए जाने पर यह आदेश जारी किया है.

31 दिसंबर तक दूर हो खामियां
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में गैंगस्टर एक्ट की खामियों को 31 दिसंबर 2021 तक दूर करने का निर्देश दिया है. यूपी में गैंगस्टर एक्ट के 1986 में बने पुराने कानून में अभी तक कोई नियम नहीं बनाया गया है. गैंगस्टर एक्ट में आज भी दरोगा द्वारा रिपोर्ट लगायी जाती है. लेकिन अब हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश भर में उप पुलिस अधीक्षक स्तर का अधिकारी नियुक्त करें जो इस मामले में गैंगस्टर चार्ट बनाएं, जिसे एसएसपी प्रमाणित करेंगे.

होगा नोडल अधिकारी नियुक्त
न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने आदेश किया है कि गैंगस्टर चार्ट अब सीओ स्तर का अधिकारी ही जनपद में बनाएगा . जो इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी होगा, और वही जिम्मेदार होगा. निशांत एवं अन्य की जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति ने गैंगस्टर चार्ट में भिन्नता पाए जाने पर यह आदेश जारी किया है. उत्तर प्रदेश सरकार को 1986 के कानून में 31 दिसंबर 2021 तक नियम बनाने पड़ेंगे . साथ ही हाईकोर्ट के आदेशानुसार गैंगस्टर चार्ट बनाने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करना पड़ेगा.