कोरोना से जुड़ी गूगल सर्च के बाद कहीं आपके पास कॉल तो नहीं आई? कोरोना कहर के बीच ठगों ने भी अपना जाल बिछा रखा है, आ चुके हैं कई मामले

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लखनऊ. कोरोना का कहर लोगों की परेशानियों को दिन प्रतिदिन बढ़ाता जा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ लोगों का फायदा उठाने के लिए साइबर ठगों ने नया तरीका ढूंढ लिया है. क्या वैक्सीन की डोज घर पर ही लगवानी है एक लिंक आपको भेजा है… रजिस्ट्रेशन कंफर्म करने के लिए. ₹3 ऑनलाइन जमा करिए. साइबर ठगों के इस नए तरीके से आपके खाते से लंबी रकम गायब हो जाएगी. सिर्फ यही नहीं गूगल पर किसी बड़े अस्पताल का नाम सर्च किया, तो कई नंबरों की लिस्ट स्क्रीन पर आ जाएगी. इन पर कोल करने पर कट जाएगी.

इसी के साथ बताते चलें फिर दूसरे नंबर से आपके पास कॉल आएगी. फिर इस नंबर से रेमडेसिविर इंजेक्शन, ऑक्सीजन गैस सिलेंडर व अन्य मेडिकल सामानों की जरूरतों को पूरा करने के नाम पर आपके पास लिंक भेज कर आप से ठगी कर ली जाएगी. पुलिस के मुताबिक बीते 7 दिनों में 50 से अधिक लोग ऐसे ठगी का शिकार हुए हैं. कई ऐसे हैं जो अभी तक पुलिस के सामने नहीं आए.

सोशल मीडिया से ज्यादा लोग ठगे जा रहे हैं

बता दें कि पुलिस ने 23 अप्रैल को जबरन रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया, तो ठगों ने इस नए तरीके का आजाद कर लिया. इसमें ही पता चला था कि प्रियंका नाम का व्यक्ति चिकित्सीय मदद के नाम पर व्हाट्सएप ग्रुप चलाता था. इस ग्रुप को ज्वाइन करने के लिए लिंक कई लोगों को भेजे थे. इसके जरिए ही इंजेक्शन की मांग आने पर कालाबाजारी की शुरू हो गई थी.