नाबालिग का अपहरण कर उसकी हत्या करने वाले 2 आरोपियों की फांसी बरकरार

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जबलपुर. 15 साल के नाबालिग लड़के का अपहरण करने के बाद फिरौती के रूप में 50 लाख रुपयों की मांग करने और फिर उसकी हत्या करने के आरोप में दो आरोपियों को दी गई फांसी की सजा हाईकोर्ट ने बरकरार रखी है। जिला न्यायालय द्वारा दी गई सजा की पुष्टि करते हुए जस्टिस संजय सेठ और जस्टिस एचपी सिंह की युगलपीठ ने गुरुवार को दिए फैसले में कहा-‘जिस तरह से आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया है, हमारी राय में उनको दी गई सजा उचित है। अपीलों में ऐसा कोई कारण नहीं है, जिसके आधार पर निचली अदालत के फैसले में दखल दिया जा सके।’

युगलपीठ ने मामले के तीसरे आरोपी को दी गई उम्रकैद की सजा भी यथावत रखते हुए तीनों आरोपियों की अपीलंे खारिज कर दीं। अभियोजन के अनुसार नर्मदा नगर ग्वारीघाट निवासी राजेश उर्फ राकेश यादव, राजा यादव व ओमप्रकाश यादव ने 26 मार्च 2013 को दरबारा सिंह के पुत्र 15 वर्षीय अजीत उर्फ बॉबी पॉल का अपहरण कर 50 लाख रुपयों की फिरौती की मांग की थी।

इसकी शिकायत गोरखपुर थाने में दर्ज करायी गई थी। जांच के दौरान 29 मार्च की सुबह अजीत उर्फ बॉबी की लाश खंदारी नाले से 15 मीटर की दूरी पर स्थित एक सूखे कुएं से बरामद हुई थी। बॉबी का गला रेत कर हत्या की गई थी। पुलिस ने जांच के दौरान मोबाइल कॉल के आधार पर आरोपियों तक पहुंचकर उनकी निशानदेही पर उक्त लाश बरामद करते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ अपहरण, फिरौती व हत्या सहित साक्ष्य छिपाने की धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर चालान न्यायालय में पेश किया था।

जिला सत्र न्यायालय के एडीजे डीपी मिश्रा की अदालत ने 29 दिसम्बर 2016 को आरोपी राजेश उर्फ राकेश यादव व राजा यादव को फांसी की सजा सुनाई थी। इसी तरह तीसरे आरोपी ओमप्रकाश को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया गया था। साथ ही मामला पुष्टि के लिए हाईकोर्ट को भेजा गया था।

मामले पर सुरक्षित रखा फैसला सुनाते हुए युगलपीठ ने आरोपियों को दी गई सजा यथावत रखी। शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता अजय शुक्ला ने पैरवी की।