6 साल बाद पाकिस्तान से रिहा हुए हामिद अंसारी, जानिए वो आरोप क्या था?

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नई दिल्ली। पाकिस्तान की जेल से रिहा होकर छह साल बाद हामिद अंसारी आज मंगलवार को भारत लौट चुके हैं। पाकिस्तान से रिहा होने के बाद आज शाम अटारी वाघा बॉर्डर के रास्ते से हामिद अंसारी भारत पहुंचे हैं। अंसारी को रिसीव करने के लिए उनकी मां फौजिया, पिता नेहाल और उनके परिवार वालों के अलावा कई लोग वाघा बॉर्डर पर उनका वेलकम करने के लिए पहुंचे थे। गौरतलब है कि मुंबई के रहने वाले अंसारी को नवंबर 2012 में पाकिस्‍तान ने गिरफ्तार किया था। उन्‍हें 15 दिसंबर 2015 को तीन वर्ष की सजा सुनाई गई थी जो कि पिछले सप्ताह शनिवार को पूरी हो गई थी।

क्यों गए थे हामिद अंसारी पाकिस्तान ?

भारतीय नागरिक हामिद नेहाल अंसारी मुंबई के रहने वाले हैं। मुंबई मैनेजमेंट कॉलेज के पूर्व टीचर अंसारी 2012 में एक महिला से मिलने के पाकिस्तान गए थे। वह महिला पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा की रहने वाली थी, जिसकी जबरदस्ती निकाह किया जा रहा था। उसी को बचाने के लिए अंसारी पाकिस्तान पहुंचा था। वह महिला सोशल मीडिया पर अंसारी की दोस्त बनी थी। इसी साल 15 दिसंबर को अंसारी की सजा खत्म हो गई थी, जिसके बाद कोर्ट ने उसे बरी करने का आदेश दिया था।

वो आरोप क्या था अंसारी पर?

पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने अंसारी को गिरफ्तार कर उस पर जासूसी का आरोप लगाया था। पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया था कि अंसारी फेक आईडी के जरिए 2012 में अफगानिस्तान से होकर पाकिस्तान में एंट्री की थी। पाकिस्तान का आरोप लगाया था कि अंसारी ने अपना नाम ‘हमजा’ के रूप में बताया था। हालांकि, बाद में वहां के अधिकारियों ने अंसारी को पाकिस्तान के खिलाफ जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया और वहां की मिलिट्री कोर्ट ने 2015 में उसे तीन साल की सजा सुना दी थी।

नहीं मिले अंसारी के खिलाफ सबूत

पाकिस्तान के अधिकारियों ने अंसारी को गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन भारतीय नागरिक के खिलाफ जासूसी या अन्य किसी गतिविधियों में शामिल होने जैसे सबूत जुटाने में नाकाम रहे। अधिकारियों के पास जो भी सुबूत थे उनसे वह सिर्फ एक ऐसे आशिक के तौर पर ही साबित हो पाए जो एक लड़की की तलाश में पाकिस्‍तान तक आ गए थे। अंसारी की उम्र 27 वर्ष थी जब वह पाकिस्‍तान पहुंचे थे।

हामिद के प्रति सरकार का नजरिया?

अंसारी के भारत लौटने के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘यह बड़ी राहत का विषय है। खासकर उन परिवार के सदस्यों के लिए, जो पाकिस्तान की जेल से रिहा होकर भारतीय नागरिक की छह साल बाद लौटकर आ रहे हैं। हम चाहते हैं कि पाकिस्तान अन्य भारतीय नागरिकों और मछुआरों के दुखों को खत्म करने के लिए भी कार्रवाई करे, जिनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि हो गई है।’ रवीश कुमार ने आगे कहा कि जिन भारतीय नागरिकों ने अपनी सजा पूरी कर ली है, वे अभी भी पाकिस्तान की जेलों में कैद है।