जीएसटी में छूट दिवाली का तोहफा: पीएम

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने द्वारका में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जीएसटी परिषद के निर्णयों के कारण व्यापारियों और कारोबारी समुदाय के लिए दीवाली समय से पहले आई। वित्त मंत्रालय के प्रयासों की सराहना करते हुए पीएम ने कहा कि इन छूटों से लाल-फीताशाही से मिलेगी मुक्ति।

प्रधानमंत्री ने जीएसटी से परेशान छोटे व्यापारियों को मिली बड़ी राहत पर वित्त मंत्री और लोगों का धन्यवाद दिया है। गुजरात में एक जनसभा में प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों की समस्यायें हर हाल में दूर की जाएगी। दरअसल जीएसटी काउंसिल की बैठक में डेढ़ करोड़ तक के टर्न ओवर वाले व्यापारियों को अब मासिक की जगह त्रैमासिक यानी तीन महीने में रिटर्न दाखिल करने की सुविधा देने का फैसला किया गया। इसके अलावा कंपोजीशन स्कीम के तहत 75 लाख तक के टर्न ओवर की सीमा को बढ़ाकर एक करोड़ कर दिया गया है ।

दो दिन पहले कंपनी सचिवों के एक कार्यक्रम में पीएम ने देश के कारोबारियों से जो वादा किया था उसे सरकार ने 48 घंटे के अंदर पूरा कर दिया है। जीएसटी को गुड एंड सिंपल टैक्स बनाते हुए जीएसटी काउंसिल ने छोटे व्यापारियों और निर्यातकों के लिए बडी राहत का एलान किया है । वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में देश के तमाम राज्यों के वित्त मंत्रियों ने आम सहमति से ये फैसला लिया ।

जीएसटी काउंसिल में लिए गए फैसलों की बात करें तो डेढ़ करोड़ तक के टर्न ओवर वाले व्यापारियों को अब मासिक की जगह त्रैमासिक यानी तीन महीने में रिटर्न दाखिल करने की सुविधा दी गयी है । पहले वैट व्यवस्था के तहत तीन महीने रिटर्न दाखिल करने का प्रावधान था, लेकिन जीएसटी के तहत छोटे और बड़े सभी करदाताओं को हर महीने रिटर्न दाखिल करना पड़ता है, । इसके चलते छोटे व्यापारियों को काफी परेशानी हो रही थी । दरअसल ऐसे व्यापारियों से सरकार को सिर्फ 5 फीसदी के राजस्व की आमदनी हो रही थी ।

इसके अलावा कंपोजीशन स्कीम के तहत 75 लाख तक के टर्न ओवर की सीमा को बढ़ाकर एक करोड़ कर दिया गया है । ऐसे कारोबारी तीन महीने पर कुल बिक्री का एक प्रतिशत कर जमा कर रिटर्न दाखिल करेंगे । कंपोजीशन डीलरों को दूसरे राज्यों में माल बेचने का अधिकार और इनपुट सब्सिडी का लाभ देने के लिए 5 सदस्यीय मंत्री समूह के गठन का निर्णय लिया गया है । साथ ही रिवर्स चार्ज की व्यवस्था को अगले साल 31 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है । इसके तहत पहले रजिस्टर्ड करदाताओं को नॉन रजिस्टर्ड आपूर्तिकर्ता से माल खरीदने पर कर भुगतान करना पड़ता था ।

दरअसल जीएसटी लागू होने के बाद से कारोबारियों को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड रहा था । हाल के दिनों में जीएसटी को लेकर व्यापारियो ने कुछ दिक्कतों का मामला सामने रखा था जिसके बाद सररकार ने इसे दूर करने का फैसला लिया था । ऐसे में इन फैसलों से अब छोटे कारोबारियों को काफी राहत मिलेगी ।