देश कें अलग अलग हिस्सों में दस साल में भी नहीं बन पाया ‘नाइपर’ का भवन

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नयी दिल्ली@ केन्द्र सरकार ने औषधि अनुसंधान को बढावा देने के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से 2007- 08 से देश कें अलग अलग हिस्सों में दस राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (नाइपर) स्थापित करने का निर्णय लिया गया।

लेकिन दस वर्ष से अधिक बीत जाने के बावजूद धन के अभाव में इनमें से एक का भी भवन नहीं बन पाया है। वर्ष 2007- 08 के दौरान केन्द्र सरकार ने गुजरात , असम , बिहार , आन्ध्र प्रदेश , पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में नाइपर की स्थापना का निर्णय लिया था । वर्ष 2012 में मदुरई में तथा वर्ष 2015- 16 के बजट में छत्तीसगढ , महाराष्ट्र और राजस्थान में एक एक नाइपर की स्थापना की घोषणा की गयी थी।

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय से संबंधित स्थायी संसदीय समिति ने हाल में सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2007-08 से घोषित नाइपर में से एक के भी भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है । कुछ स्थानों पर तो जमीन को लेकर ही समस्या है । कुछ राज्य सरकारों ने इसके लिए 100 एकड़ जमीन उपलब्ध करायी है तो बिहार में साढे बारह एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव किया गया है। देश में पहला नाइपर पंजाब के मोहाली में स्थापित किया गया था जिसके पास 129 एकड़ से अधिक जमीन है।